संज्ञानात्मक विकास
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डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Theory of Meaningful Verbal Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अग्रिम संगठनकर्ता' (Advance Organizer)—जिसे उस pedagogical उपकरण या प्रारंभिक पाठ्यसामग्री के रूप में परिभाषित किया जाता है जो मुख्य शिक्षण विषय को प्रस्तुत करने से ठीक पहले शिक्षार्थियों को प्रदान की जाती है, ताकि यह उनके संज्ञानात्मक ढांचे (Cognitive Structure) में पहले से मौजूद प्रासंगिक विचारों और नवीन सूचनाओं के बीच एक तार्किक सेतु का निर्माण कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा विकास, ज्ञान के सुदृढ़ीकरण और सार्थक अधिगम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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Detailed Explanation
डेविड औसुबेल के सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत के अनुसार, 'अग्रिम संगठनकर्ता' (Advance Organizer) उच्च-स्तरीय, समावेशी अवधारणाएं होती हैं जिन्हें किसी नए और अधिक विस्तृत पाठ को पढ़ाने से ठीक पहले प्रस्तुत किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षार्थी के संज्ञानात्मक ढांचे (Cognitive Structure) में मौजूद प्रासंगिक पूर्व-ज्ञान को सक्रिय करना और नए ज्ञान के साथ उसका समायोजन व समावेश (Subsumption) करना है, जिससे रटन अधिगम के स्थान पर सार्थक और दीर्घकालिक अधिगम सुनिश्चित हो सके।
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एडवर्ड टॉलमैन (Edward Tolman) के 'संज्ञानात्मक मानचित्र सिद्धांत' (Sign-Gestalt / Purposive Behaviorism Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अव्यक्त अधिगम' (Latent Learning)—जिसे उस मनोवैज्ञानिक घटना के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें अधिगम आंतरिक रूप से घटित होता है और मानसिक मानचित्र (Cognitive Map) में संग्रहीत हो जाता है, परंतु बिना किसी स्पष्ट प्रबलन (Reinforcement) या पुरस्कार के वह तत्काल बाहरी व्यवहार में प्रदर्शित नहीं होता, बल्कि पुरस्कार मिलने पर ही अचानक और प्रभावी रूप से प्रकट होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आंतरिक ज्ञानार्जन, जिज्ञासा और दीर्घकालिक संज्ञानात्मक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'विकेंद्रीकरण' (Decentration)—जिसे उस उन्नत संज्ञानात्मक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से बच्चा किसी वस्तु, घटना या समस्या के केवल एक ही पहलू या आयाम (जैसे लंबाई या चौड़ाई) पर अपना ध्यान केंद्रित करने (केंद्रण / Centration) के बजाय उसके एक से अधिक पहलुओं या आयामों पर एक साथ ध्यान केंद्रित करने और उनके बीच मानसिक समन्वय बिठाने में सक्षम होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक चिंतन, बहुआयामी दृष्टिकोण और संरक्षण (Conservation) की अवधारणा को समझने के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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रॉबर्ट गैग्ने (Robert Gagné) के 'अधिगम के पदानुक्रम सिद्धांत' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'समस्या समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning)—जिसे उस सर्वोच्च बौद्धिक स्तर के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और कौशलों का उपयोग करते हुए किसी नवीन, जटिल और अनसुलझी परिस्थिति का तार्किक विश्लेषण करके एक नया समाधान या आंतरिक नियम खोज निकालता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक कौशल, विश्लेषणात्मक चिंतन और सृजनात्मकता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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