जेरोम ब्रूनर
Asked 2 महीने पहले · Viewed 4,173 times
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'स्पाइरल या चक्राकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस उन्नत शैक्षणिक संरचना के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी भी कठिन विषय या जटिल संकल्पना को बच्चे के विकास के शुरुआती चरणों में उसके बौद्धिक स्तर के अनुकूल बहुत ही सरल, मूर्त और सहज रूप में प्रस्तुत किया जाता है, और जैसे-जैसे शिक्षार्थी की आयु, परिपक्वता और संज्ञानात्मक क्षमता बढ़ती है, उसी विषय को उच्च कक्षाओं में अधिक गहरी, अमूर्त और विस्तृत जटिलता के साथ बार-बार (चक्राकार रूप में) पुनरावृत्ति करते हुए पढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संचयी ज्ञान-निर्माण, दीर्घकालिक स्मृति और तार्किक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जेरोम ब्रूनर के अनुसार, 'स्पाइरल करिकुलम' (चक्राकार पाठ्यक्रम) इस प्रसिद्ध कथन पर आधारित है कि 'किसी भी विषय को किसी भी बच्चे को बौद्धिक रूप से ईमानदार रूप में किसी भी विकास के स्तर पर प्रभावी ढंग से सिखाया जा सकता है।' इसका तात्पर्य यह है कि बुनियादी और जटिल अवधारणाएं बार-बार और गहरे स्तर पर लौटती हैं, जिससे शिक्षार्थी पूर्व ज्ञान पर नए ज्ञान का संचयी निर्माण करता है। विकल्प (d) इस सिद्धांत के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है।
अगला प्रश्न →
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम…
← पिछला प्रश्न
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और…
Related Questions
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत' (Cognitive Development Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अन्वेषण अधिगम' (Discovery Learning) अथवा 'निर्देशित अन्वेषण' (Guided Discovery) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी को तैयार या पका-पकाया ज्ञान देने के बजाय उसे स्वयं अपने परिवेश, प्रयोगात्मक सामग्रियों और तार्किक अंतःक्रियाओं के माध्यम से नियमों, सिद्धांतों और प्रत्ययों (Concepts) की खोज करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे उसकी मानसिक संरचना सक्रिय होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्वतंत्र बौद्धिक विकास, आंतरिक प्रेरणा, और ज्ञान के दीर्घकालिक संग्रहण (Long-term Retention) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अधिगम के सिद्धांत' (Theory of Instruction) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय शिक्षण पद्धति—'स्पाइरल पाठ्यक्रम या चक्राकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस शैक्षिक अभिकल्पना के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ बुनियादी और जटिल विचारों को बार-बार (चक्राकार रूप में) कम उम्र से लेकर उच्च स्तर तक पढ़ाया जाता है, और प्रत्येक पुनरावृत्ति के साथ ज्ञान का दायरा और जटिलता का स्तर क्रमिक रूप से बढ़ता जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पूर्व-ज्ञान के समेकन, दीर्घकालिक स्मृति (Long-term Memory) और अमूर्त संरचनाओं के क्रमिक आंतरिककरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development and Discovery Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सर्पिलाकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस शैक्षिक पाठ्यक्रम डिजाइन के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसमें किसी विषय की बुनियादी अवधारणाओं और कठिन प्रणालियों को बच्चों की प्रारंभिक आयु में उनके संज्ञानात्मक स्तर के अनुकूल सरल रूप में (जैसे क्रियात्मक रूप से) प्रस्तुत किया जाता है, और फिर जैसे-जैसे शिक्षार्थी की आयु, परिपक्वता और संज्ञानात्मक क्षमता बढ़ती जाती है, उसी विषय को बार-बार अधिक जटिल, अमूर्त और उन्नत स्तर (जैसे प्रतीकात्मक रूप से) पर पुनः गहराई से पढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा के क्रमिक विस्तार, दीर्घकालिक स्मृति और तार्किक ज्ञान-निर्माण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
'स्मृति और विस्मरण के सिद्धांत' के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक हरमन एबिंगhaus (Hermann Ebbinghaus) द्वारा प्रतिपादित 'विस्मृति वक्र' (Forgetting Curve), 'बचत विधि' (Savings Method), तथा जिरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'अन्वेषण अधिगम' (Discovery Learning) और 'संरचनात्मक उपागम' के वैज्ञानिक स्वरूप तथा 'हस्तक्षेप सिद्धांत' (Interference Theory) के अंतर्गत 'पूर्ववर्ती हस्तक्षेप' (Proactive Interference) और 'पश्चगामी हस्तक्षेप' (Retroactive Interference) के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development and Discovery Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सर्पिलाकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस शिक्षाशास्त्रीय संरचना के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी विषय की मूल एवं जटिल संकल्पनाओं को विद्यार्थियों के सामने उनकी प्रारंभिक विकास अवस्था में सरल और सहज रूप में प्रस्तुत किया जाता है, और जैसे-जैसे विद्यार्थी की आयु, संज्ञानात्मक परिपक्वता और बौद्धिक क्षमता में वृद्धि होती जाती है, उसी विषय या संकल्पना को बार-बार अधिक गहराई, व्यापकता और उन्नत तार्किक स्तर पर क्रमिक रूप से पुनर्जीवित और विस्तारित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संचयी ज्ञान-सर्जन, संज्ञानात्मक संरचना के सुदृढ़ीकरण और दीर्घकालिक स्मृति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'स्पाइरल करिकुलम या चक्रीय पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस शैक्षिक डिज़ाइन के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी भी विषय-वस्तु या जटिल अवधारणा को बालक की प्रारंभिक अवस्था में अत्यंत सरल, मूर्त और सहज रूप में प्रस्तुत किया जाता है, और जैसे-जैसे विद्यार्थी की आयु, परिपक्वता और संज्ञानात्मक स्तर में वृद्धि होती जाती है, उसी विषय को क्रमिक रूप से अधिक गहराई, अमूर्तता और जटिलता के साथ बार-बार पुनरावृत्ति और विस्तार के माध्यम से पढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संचयी ज्ञान, संरचनात्मक बोध और दीर्घकालिक स्मृति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोज अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'स्प्राइरल या चक्रीय पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस शैक्षिक डिजाइन के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी जटिल विषय या कठिन अवधारणा को बच्चों के प्रारंभिक विकास चरणों में बहुत ही सरल, मूर्त और सहज रूप में प्रस्तुत किया जाता है, तथा जैसे-जैसे शिक्षार्थी की आयु, बौद्धिक परिपक्वता और संज्ञानात्मक स्तर बढ़ता जाता है, उसी विषय या अवधारणा को बार-बार अधिक अमूर्त, व्यापक और गहन स्तर पर पुनः पाठ्यक्रम में शामिल किया जाता है ताकि पूर्व-ज्ञान का सुदृढ़ीकरण हो सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के तार्किक ज्ञान-संरचना, अवधारणात्मक स्थिरता और क्रमिक ज्ञान-विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.