जेरोम ब्रूनर
Asked 2 महीने पहले · Viewed 4,064 times
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Cognitive Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'खोजपूर्ण अधिगम या डिस्कवरी लर्निंग' (Discovery Learning)—जिसे उस सक्रिय शैक्षणिक दृष्टिकोण के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिक्षार्थी को पूर्व-निर्मित या पक्की सामग्रियां सीधे परोसने के बजाय उन्हें अपने स्वयं के अन्वेषण, तार्किकता, समस्या-समाधान और व्यावहारिक प्रयोगों के माध्यम से सिद्धांतों और अवधारणाओं को स्वयं 'खोजने' या उद्घाटित करने के लिए प्रेरित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के आंतरिक संज्ञान, आलोचनात्मक चिंतन (Critical Thinking) और ज्ञान के स्व-निर्माण (Construction of Knowledge) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जेरोम ब्रूनर के 'खोजपूर्ण अधिगम' (Discovery Learning) के सिद्धांत के अनुसार, बच्चों को ज्ञान सीधे पढ़ाने के बजाय उन्हें ऐसी स्थितियां प्रदान करनी चाहिए जहाँ वे खुद प्रयोग, निरीक्षण और तार्किकता के माध्यम से नियमों और सिद्धांतों की खोज कर सकें। यह विधि बच्चों में सक्रिय भागीदारी, उच्च-क्रम चिंतन (HOTS), आत्म-विश्वास और ज्ञान के स्थायीकरण को बढ़ावा देती है। अतः विकल्प (c) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
अगला प्रश्न →
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम…
← पिछला प्रश्न
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अधिगम का अन्वेषण…
Related Questions
→
ब्रूनेर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के तीन चरणों - क्रियात्मक अवस्था (Enactive Stage), प्रतिबिम्बात्मक अवस्था (Iconic Stage), और सांकेतिक अवस्था (Symbolic Stage) - तथा उनके शिक्षण शास्त्रीय निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक सटीक है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development and Discovery Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'स्पिरल करिकुलम या चक्राकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस शैक्षणिक और पाठ्यक्रम डिजाइन उपागम के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी भी कठिन या जटिल विषय-वस्तु को बालक के प्रारंभिक विकास स्तर पर बहुत सरल, सहज और मूर्त रूप (प्रतीकात्मक या क्रियात्मक रूप में) में प्रस्तुत किया जाता है और जैसे-जैसे बालक की आयु, परिपक्वता और संज्ञानात्मक स्तर बढ़ता जाता है, उसी विषय-वस्तु को बार-बार अधिक गहराई, व्यापकता, अमूर्तता और उच्च तार्किक जटिलता के साथ पुनरावृत्त (Revisited) किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संचयी ज्ञान निर्माण, अमूर्त चिंतन और अवधारणात्मक स्थिरता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
संरचनात्मक अधिगम का सिद्धांत किसने दिया?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वना या मचान निर्माण' (Scaffolding) की अवधारणाओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षिका किसी जटिल गणितीय समस्या को हल करते समय शिक्षार्थियों को प्रारंभिक संकेत, आंशिक समाधान और तार्किक मार्गदर्शन प्रदान करती है, किंतु जैसे-जैसे शिक्षार्थी उस कार्य में निपुण होते जाते हैं, वह अपनी सहायता को धीरे-धीरे कम कर देती है; तो वाइगोत्स्की के इस संवादात्मक और संज्ञानात्मक विकास के प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अन्वेषण अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning / Structure of Education) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सर्पिलाकार पाठ्यक्रम या स्पाइरल करिकुलम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस उन्नत शैक्षणिक ढांचे के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी विषय की मूल संकल्पनाओं और विचारों को प्राथमिक स्तर पर अत्यंत सरल और सहज रूप में (जैसे मूर्त या क्रियात्मक अनुभवों द्वारा) प्रस्तुत किया जाता है, और जैसे-जैसे शिक्षार्थी की आयु, बौद्धिक परिपक्वता और संज्ञानात्मक स्तर बढ़ता जाता है, उसी विषय वस्तु को उत्तरोत्तर अधिक जटिल, औपचारिक और अमूर्त स्तरों पर बार-बार गहराई से दोहराया और विस्तारित किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पूर्व-ज्ञान के पुनरुत्पादन, संज्ञानात्मक संरचनाओं के क्रमिक विस्तार और स्थायी अमूर्त चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अधिगम के सिद्धांत' (Theory of Instruction) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सर्पिलाकार पाठ्यक्रम या स्पाइरल करिकुलम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस उत्कृष्ट शैक्षणिक डिजाइन के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी जटिल विषय या मूल संकल्पना को बालक के विकास के विभिन्न चरणों में बार-बार, पहले अत्यंत सरल और मूर्त रूप में और फिर उत्तरोत्तर अधिक अमूर्त, व्यापक तथा गहराई के साथ प्रस्तुत किया जाता है ताकि प्रत्येक पुनरावृत्ति पर शिक्षार्थी अपने पूर्व-ज्ञान का विस्तार करते हुए नवीन और उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक संरचनाओं का निर्माण कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के दीर्घकालिक संज्ञान, ज्ञान के संचयी स्थानांतरण (Cumulative Transfer) और अवधारणात्मक स्थायित्व के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development and Discovery Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सर्पिलाकार पाठ्यक्रम या स्पाइरल करिकुलम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस शैक्षिक डिजाइन के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी विषय की मूल अवधारणाओं और कठिन प्रणालियों को प्राथमिक स्तर पर सरल, सहज और संवेदी रूप में प्रस्तुत किया जाता है तथा जैसे-जैसे विद्यार्थी उच्च कक्षाओं में पहुँचते हैं, उन्हीं संप्रत्ययों को अधिक गहराई, जटिलता और औपचारिक तार्किक रूपों में बार-बार पुनर्प्रस्तुत किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पूर्व ज्ञान के सुदृढ़ीकरण, संज्ञानात्मक संरचना और ज्ञान के क्रमिक निर्माण (Knowledge Construction) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बर्नर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत और खोज अधिगम' (Theory of Cognitive Development and Discovery Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सर्पिलाकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस शैक्षिक डिजाइन और पाठ्यक्रम संरचना के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी भी विषय या जटिल अवधारणा को बालक के विकास के विभिन्न चरणों में सरल रूप से बार-बार प्रस्तुत किया जाता है, और प्रत्येक क्रमिक पुनरावृत्ति के साथ उस विषय की जटिलता, गहराई और तार्किक स्तर को बालक की बढ़ती हुई संज्ञानात्मक क्षमता के अनुसार बढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के दीर्घकालिक ज्ञान संचयन, तार्किक बोध और संज्ञानात्मक संरचना के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.