शिक्षण विधियों और कक्षा-कक्ष की तात्कालिक समस्याओं के वैज्ञानिक समाधान के लिए 'क्रियात्मक अनुसंधान' (Action Research) का उपयोग किया जाता है। स्टीफन कोरी (Stephen Corey) और अन्य शिक्षाविदों द्वारा प्रतिपादित इस अनुसंधान के चक्र (Action Research Cycle) में चरणों के सही तार्किक क्रम तथा इसके व्यावहारिक स्वरूप के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वथा उपयुक्त एवं सटीक है?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
क्रियात्मक अनुसंधान (Action Research) शिक्षा के क्षेत्र में एक अत्यंत महत्वपूर्ण व्यावहारिक अनुसंधान प्रणाली है। इसे मुख्य रूप से स्टीफन एम. कोरी (Stephen M. Corey) द्वारा शिक्षा और शिक्षण विधियों में लोकप्रिय बनाया गया था। इस अनुसंधान का मूल उद्देश्य किसी विद्यालय, कक्षा या स्थानीय संस्था की तात्कालिक, विशिष्ट और व्यावहारिक समस्याओं का तुरंत वैज्ञानिक समाधान ढूँढना होता है। शिक्षक, प्रधानाचार्य और शैक्षिक प्रशासक अपनी दैनिक कार्यप्रणाली, शिक्षण रणनीतियों और कक्षा प्रबंधन में गुणात्मक सुधार लाने के लिए इस चक्र (जैसे- योजना बनाना, क्रियान्वयन, अवलोकन और परावर्तन) का उपयोग करते हैं। चूंकि यह स्थानीय समस्याओं पर केंद्रित होता है, इसलिए इसका दायरा संकुचित किंतु अत्यधिक प्रभावी होता है। विकल्प (b) इस अनुसंधान के व्यावहारिक, स्थानीय और सुधारात्मक स्वरूप को पूर्णतः सही ढंग से परिभाषित करता है, जो शिक्षण अधिगम प्रक्रिया को बेहतर बनाने में प्रत्यक्ष रूप से सहायक होता है।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- क्रियात्मक अनुसंधान का संबंध स्थानीय समस्याओं के त्वरित समाधान से है, न कि व्यापक सार्वभौमिक सिद्धांतों के निर्माण से (अतः विकल्प a गलत है)।
- यह विद्यालय स्तर पर शिक्षकों द्वारा अपनी शिक्षण विधियों को बेहतर बनाने के लिए किया जाता है (अतः विकल्प b सबसे सटीक है)।
- इसमें परिकल्पना का निर्माण किया जाता है और इसके निष्कर्ष सार्वभौमिक नहीं होते बल्कि स्थानीय संदर्भ तक सीमित होते हैं (अतः विकल्प c आंशिक रूप से गलत है)।
- यह मौलिक (Fundamental) अनुसंधान से भिन्न होता है क्योंकि मौलिक अनुसंधान प्रयोगशालाओं में व्यापक सिद्धांतों का प्रतिपादन करता है, जबकि क्रियात्मक अनुसंधान व्यावहारिक और तात्कालिक होता है (अतः विकल्प d गलत है)।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: शैक्षिक अनुसंधान और क्रियात्मक अनुसंधान की अवधारणा शिक्षण अधिगम प्रक्रिया और समावेशी शिक्षा के अंतर्गत शिक्षकों की भूमिका को सशक्त बनाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। स्टीफन कोरी के अनुसार, शिक्षक स्वयं शोधकर्ता बनकर अपनी कक्षा की समस्याओं का समाधान करते हैं।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
शिक्षक पात्रता परीक्षाओं (जैसे CTET, UPTET, HTET) और राज्य शिक्षक भर्ती परीक्षाओं (जैसे BPSC TRE) में क्रियात्मक अनुसंधान से संबंधित प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं। परीक्षार्थियों को यह ध्यान रखना चाहिए कि क्रियात्मक अनुसंधान का मुख्य उद्देश्य 'सिद्धांत निर्माण' (Theory Building) नहीं बल्कि 'समस्या समाधान' (Problem Solving) और 'व्यवहारिक सुधार' (Practical Improvement) होता है। स्टीफन कोरी का यह मॉडल शिक्षकों को एक चिंतनशील व्यवसायी (Reflective Practitioner) के रूप में विकसित करता है ताकि वे शिक्षण के दौरान आने वाली बाधाओं का वैज्ञानिक विश्लेषण कर सकें।