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अधिगम (सीखना) सभी देखें (1410) अधिगम: अर्थ, प्रकृति एवं प्रकार21 शास्त्रीय अनुबंधन (पावलोव)90 क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)262 थॉर्नडाइक: प्रयास एवं त्रुटि191 गेस्टाल्ट एवं अंतर्दृष्टि अधिगम284 रचनावाद एवं अन्य अधिगम सिद्धांत44 अधिगम स्थानांतरण, वक्र एवं पठार266 स्मृति एवं विस्मृति123 ध्यान एवं रुचि5 अभिप्रेरणा एवं प्रेरक97 अधिगम शैलियाँ एवं रणनीतियाँ27
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वैयक्तिक भिन्नता एवं समावेशी शिक्षा सभी देखें (712) वैयक्तिक भिन्नताएँ30 समावेशी शिक्षा250 विशेष आवश्यकता वाले बालक (CWSN)63 अधिगम अक्षमता (डिस्लेक्सिया आदि)315 ADHD, ऑटिज़्म एवं न्यूरो-विकासात्मक स्थितियाँ22 प्रतिभाशाली एवं सृजनशील बालक9 वंचित, पिछड़े एवं लैंगिक समानता23
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प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा सभी देखें (48) ECCE: अवधारणा एवं महत्व1 खेल आधारित एवं गतिविधि आधारित शिक्षा1 मॉन्टेसरी, फ्रोबेल एवं बाल-शिक्षा के प्रणेता10 आधारभूत साक्षरता एवं संख्या ज्ञान (FLN)3 बच्चों का पोषण एवं स्वास्थ्य33
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भाषा कौशल (LSRW)
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उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, राजनीतिक और विधायी इतिहास के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. उत्तर प्रदेश में द्विसदनीय विधानमंडल (विधानसभा और विधान परिषद) की व्यवस्था है, जिसकी शुरुआत वर्ष 1937 में 'भारत सरकार अधिनियम 1935' के प्रावधानों के तहत प्रांतीय विधानसभा के गठन के साथ हुई थी।
  2. 2. उत्तर प्रदेश विधान परिषद (Legislative Council) में कुल सदस्यों की संख्या 100 है, जो देश के किसी भी राज्य की विधान परिषद में सबसे अधिक है, तथा इसके सदस्यों का निर्वाचन विशेष निर्वाचन क्षेत्रों, स्थानीय निकायों, स्नातकों और शिक्षकों द्वारा होता है।
  3. 3. राज्य की प्रथम महिला मुख्यमंत्री सुचेता कृपलानी थीं, जिन्होंने वर्ष 1963 से 1967 तक पद संभाला था, और वे न केवल उत्तर प्रदेश की बल्कि भारत के किसी भी राज्य की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं।
  4. 4. उत्तर प्रदेश के प्रथम राज्यपाल श्री एच.पी. मोदी थे, और राज्य का आधिकारिक नाम 'उत्तर प्रदेश' 24 जनवरी 1950 को संयुक्त प्रांत (United Provinces) का नाम बदलकर रखा गया था।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:

उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक, राजनीतिक और विधायी इतिहास के संदर्भ में दिए गए कथनों में से कथन 1, 2 और 3 पूर्णतः सत्य हैं, जबकि कथन 4 असत्य है। उत्तर प्रदेश में भारत शासन अधिनियम 1935 के तहत 1937 में द्विसदनीय विधानमंडल की स्थापना हुई थी। विधान परिषद में कुल 100 सदस्य हैं जो देश में सर्वाधिक हैं। सुचेता कृपलानी भारत की पहली महिला मुख्यमंत्री थीं। अतः विकल्प (c) सही है।

📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:

  • कथन 1 सही है क्योंकि भारत सरकार अधिनियम 1935 के प्रावधानों के अंतर्गत संयुक्त प्रांत (United Provinces) में वर्ष 1937 में प्रांतीय विधानसभा और विधान परिषद का गठन हुआ था।
  • कथन 2 सही है क्योंकि यूपी विधान परिषद में 100 सीटें हैं, जो भारतीय राज्यों में सबसे अधिक हैं और इसके सदस्यों का चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होता है।
  • कथन 3 सही है क्योंकि सुचेता कृपलानी 1963 में यूपी की मुख्यमंत्री बनी थीं जो संपूर्ण भारत की प्रथम महिला मुख्यमंत्री थीं।
  • कथन 4 गलत है क्योंकि उत्तर प्रदेश के प्रथम राज्यपाल श्री एच.पी. मोदी नहीं, बल्कि श्री सरोजिनी नायडू (महिला) / श्री एच.पी. मोदी बाद में बने थे; वास्तव में स्वतंत्र भारत के प्रथम राज्यपाल श्री एच.पी. मोदी नहीं बल्कि सरोजिनी नायडू थीं (राज्यपाल के रूप में सरोजिनी नायडू प्रथम थीं)।

📖 सैद्धांतिक संदर्भ: भारतीय संविधान की संवैधानिक संरचना और राज्य व्यवस्था का अध्ययन हमें राज्यों के विधायी अंगों और प्रशासनिक विकास की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि को समझने में मदद करता है।

🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:

राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे UPTET, UPPSC, BPSC) में उत्तर प्रदेश के राजनीतिक इतिहास, प्रथम व्यक्तित्वों (मुख्यमंत्री, राज्यपाल) और विधायी संस्थाओं से जुड़े प्रश्न बहुतायत में पूछे जाते हैं। यहाँ चौथा कथन भ्रामक है क्योंकि उत्तर प्रदेश के प्रथम राज्यपाल सरोजिनी नायडू थीं, न कि एच.पी. मोदी। इसलिए सावधानीपूर्वक कथनों का विश्लेषण करना आवश्यक है ताकि नकारात्मक अंकन से बचा जा सके।

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'गरुड़ ऐप' (Garuda App), जिसे भारत निर्वाचन आयोग द्वारा लॉन्च किया गया था, का उपयोग विशेष रूप से बिहार में चुनावी प्रक्रिया के दौरान मतदान केंद्रों के डिजिटल मैपिंग, बूथों की स्थिति की जानकारी और पारदर्शी निर्वाचन प्रबंधन के लिए पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → बिहार के राजनीतिक और प्रशासनिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बिहार विधान परिषद (Legislative Council) एक स्थायी सदन है, जिसका उल्लेख भारतीय संविधान के अनुच्छेद 169 के अंतर्गत किया गया है, और इसके सदस्यों का निर्वाचन विभिन्न निर्वाचन क्षेत्रों (जैसे स्थानीय निकाय, स्नातक, शिक्षक और विधानसभा सदस्यों) के माध्यम से आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमण मत प्रणाली द्वारा होता है। 2. राज्य के प्रशासनिक ढांचे में मुख्य सचिव (Chief Secretary) राज्य का सर्वोच्च प्रशासनिक अधिकारी होता है, जो मंत्रिमंडल सचिवालय का प्रमुख होने के साथ-साथ सभी प्रशासनिक विभागों के बीच समन्वय स्थापित करता है, तथा इसकी नियुक्ति राज्य के राज्यपाल द्वारा मुख्यमंत्री की सलाह पर की जाती है। 3. बिहार लोकायुक्त अधिनियम के अंतर्गत राज्य में भ्रष्टाचार के मामलों की जाँच के लिए 'लोकायुक्त' की संस्था का गठन किया गया है, जिसके दायरे में मुख्यमंत्री, मंत्री, विधायक और राज्य सरकार के सभी लोक सेवक अनिवार्य रूप से पूर्णतः शामिल होते हैं, बिना किसी अपवाद के। 4. पंचायती राज व्यवस्था के त्रिस्तरीय स्वरूप में ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद शामिल हैं, तथा बिहार पंचायती राज अधिनियम, 2006 के तहत राज्य की स्थानीय निकायों और पंचायतों में महिलाओं को 50% आरक्षण का प्रावधान करने वाला बिहार देश का पहला राज्य बना था। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → बिहार के प्रशासनिक और राजनीतिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) भारतीय संविधान के अनुच्छेद 169 के अंतर्गत सृजित एक स्थायी सदन है, जिसके सदस्यों का निर्वाचन प्रत्यक्ष रूप से जनता द्वारा सार्वभौमिक मताधिकार के आधार पर किया जाता है। 2. राज्य मंत्रिपरिषद सामूहिक रूप से बिहार विधानसभा (Legislative Assembly) के प्रति उत्तरदायी होती है, और विधानसभा में अविश्वास प्रस्ताव पारित होने पर मंत्रिपरिषद को त्यागपत्र देना अनिवार्य होता है। 3. बिहार के राज्यपाल की नियुक्ति भारत के राष्ट्रपति द्वारा अनुच्छेद 155 के प्रावधानों के तहत की जाती है, और राज्यपाल राज्य के विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति (Chancellor) के रूप में भी अपनी पदीय भूमिका निभाते हैं। 4. पंचायती राज संस्थाओं और नगर निकायों के चुनावों का अधीक्षण, निर्देशन और नियंत्रण करने का संवैधानिक अधिकार भारत के निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) के पास होता है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के प्रति विद्यार्थियों को संवेदनशील बनाने के लिए, एक शिक्षक निम्नलिखित में से कौन-सा तरीका अपनाएगा? → बिहार के राजनीतिक, विधायी और प्रशासनिक परिदृश्य के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: 1. बिहार विधान परिषद (Bihar Legislative Council) भारत के उन छह राज्यों की विधान परिषदों में से एक है जो द्विसदनीय व्यवस्था का हिस्सा हैं, और इसके सदस्यों का निर्वाचन विभिन्न निर्वाचक मंडलों जैसे स्थानीय निकायों, स्नातकों, शिक्षकों और विधानसभा के सदस्यों द्वारा आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति के अनुसार एकल संक्रमणीय मत द्वारा होता है। 2. बिहार के प्रशासनिक ढांचे में 'बिहार लोक सेवा आयोग' (BPSC) एक संवैधानिक निकाय है जिसका उल्लेख भारतीय संविधान के अनुच्छेद 315 से 323 के अंतर्गत किया गया है, जिसके अध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति राज्य के राज्यपाल द्वारा की जाती है, किंतु उन्हें हटाने की शक्ति केवल राष्ट्रपति के पास होती है। 3. राज्य में पंचायती राज व्यवस्था को त्रिस्तरीय रूप में लागू किया गया है, जिसके तहत ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद आते हैं, तथा बिहार देश का ऐसा पहला राज्य बना जिसने पंचायती राज संस्थाओं में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था सुनिश्चित की थी। 4. बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन (BRAMS) के अंतर्गत राज्य में 'बिहार लोक सेवाओं का अधिकार अधिनियम, 2011' (Right to Public Services Act) लागू किया गया, जिसके तहत नागरिकों को तय समय-सीमा के भीतर लोक सेवाएं प्राप्त करने का कानूनी अधिकार दिया गया है और इसमें विफल रहने पर लोक पदाधिकारियों पर अर्थदंड लगाने का प्रावधान है। उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं? → अधिगम में 'मौन वाचन' (Silent Reading) का मुख्य उद्देश्य क्या है?
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