संवेगात्मक विकास
Asked 3 सप्ताह पहले · Viewed 4,609 times
जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सुरक्षित संलग्नता' (Secure Attachment)—जिसे उस प्रारंभिक भावनात्मक बंध के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिशु अपनी प्राथमिक देखभालकर्ता (Primary Caregiver) को एक सुरक्षित आधार (Secure Base) के रूप में अनुभव करता है, जिससे वह आत्मविश्वास के साथ बाहरी पर्यावरण की खोजबीन करने के लिए प्रेरित होता है और संकट या भय के समय वापस उसी के पास सांत्वना प्राप्त करने के लिए लौटता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के भावनात्मक नियमन, सामाजिक-संवेगात्मक विकास और साहसिक अन्वेषण (Exploration) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जॉन बॉल्बी के संलग्नता सिद्धांत (Attachment Theory) के अनुसार, 'सुरक्षित संलग्नता' (Secure Attachment) बाल विकास का एक केंद्रीय स्तंभ है। जिस शिशु या बालक को अपनी प्राथमिक देखभालकर्ता से निरंतर संवेगात्मक संवेदनशीलता और सुरक्षा मिलती है, वह देखभालकर्ता को एक 'सुरक्षित आधार' (Secure Base) के रूप में देखता है। इसके परिणामस्वरूप, बालक बिना किसी अकारण भय के अपने पर्यावरण का अन्वेषण (Exploration) कर पाता है और किसी भी संकट या मानसिक तनाव की स्थिति में पुनः सांत्वना पाने के लिए लौट सकता है। कक्षा-कक्षीय संदर्भ में, सुरक्षित संलग्नता वाले विद्यार्थी अधिक आत्मविश्वासी, सामाजिक रूप से समायोजित, अनुकूली और अपनी कक्षाओं में स्वतंत्र रूप से सीखने के लिए प्रेरित होते हैं, क्योंकि वे जानते हैं कि असफलता या तनाव के समय उन्हें उचित संवेगात्मक संबल प्राप्त होगा। अतः विकल्प (b) पूर्णतः वैज्ञानिक और प्रामाणिक है।
अगला प्रश्न →
जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत…
← पिछला प्रश्न
जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'लग्न या संलग्नीकरण सिद्धांत'…
Related Questions
→
जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'लग्न या लगाव का सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सुरक्षित लगाव' (Secure Attachment)—जिसे उस प्रारंभिक भावनात्मक बंध के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिशु अपने प्राथमिक देखभालकर्ता (Primary Caregiver) को एक सुरक्षित आधार (Secure Base) के रूप में अनुभव करता है, देखभालकर्ता की अनुपस्थिति में थोड़ा विचलित होने के बावजूद उसकी वापसी पर सहजता से शांत हो जाता है और दुनिया का अन्वेषण करने के लिए आत्मविश्वास महसूस करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सामाजिक-भावनात्मक विकास, लचीलेपन (Resilience) और अन्वेषात्मक जिज्ञासा के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'लग्न या लगाव का सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सुरक्षित लगाव' (Secure Attachment)—जिसे उस आत्मीय भावनात्मक बंध के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिशु अपने प्राथमिक देखभालकर्ता (Primary Caregiver) को एक 'सुरक्षित आधार' (Secure Base) के रूप में उपयोग करता है, देखभालकर्ता की अनुपस्थिति में थोड़ा विचलित होने पर भी उसकी वापसी पर अत्यधिक सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त करता है, और आसानी से शांत होकर पुनः अपनी खोजपूर्ण गतिविधियों (Exploratory Activities) में संलग्न हो जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सामाजिक-संवेगात्मक विकास, आत्म-विश्वास और नवीन अधिगम परिवेश के प्रति अनुकूलन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'अनुलग्नक सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सुरक्षित अनुलग्नक या सिक्योर अटैचमेंट' (Secure Attachment)—जिसे उस मनोवैज्ञानिक स्थिति के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिशु अपने प्राथमिक देखभालकर्ता (Primary Caregiver) को एक 'सुरक्षित आधार' (Secure Base) के रूप में अनुभव करता है, जिसकी अनुपस्थिति में वह थोड़ी चिंता या distress का अनुभव तो करता है, किंतु देखभालकर्ता के लौटने पर आसानी से शांत हो जाता है और उसके साथ सकारात्मक तथा भरोसेमंद संबंध स्थापित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन (Emotional Regulation), सामाजिक अन्वेषण और आत्म-विश्वास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जॉन बॉल्बी (John Bowlby) के 'संलग्नता सिद्धांत' (Attachment Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सुरक्षित संलग्नता या सिक्योर अटैचमेंट' (Secure Attachment)—जिसे उस प्राथमिक भावनात्मक और मनोवैज्ञानिक बंधन के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत शिशु अपने प्राथमिक देखभालकर्ता (Primary Caregiver) को एक सुरक्षित आधार (Secure Base) के रूप में अनुभव करता है, जिससे वह आत्मविश्वास के साथ अपने बाह्य पर्यावरण का अन्वेषण (Exploration) करने में सक्षम होता है और संकट या भय की स्थिति में तुरंत सांत्वना और सुरक्षा प्राप्त करने के लिए देखभालकर्ता के पास वापस लौटता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संवेगात्मक नियमन (Emotional Regulation), सामाजिक अन्वेषण और आत्म-विश्वास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
केपलर के ग्रहों की गति के नियमों और सार्वत्रिक गुरुत्वाकर्षण के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. केपलर का द्वितीय नियम (क्षेत्रीय चाल का नियम) इस बात का परिणाम है कि केंद्रीय बलों के अंतर्गत कोणीय संवेग (Angular Momentum) संरक्षित रहता है, जिसके अनुसार ग्रह सूर्य को मिलाने वाली रेखा समान समयान्तरालों में समान क्षेत्रफल तय करती है।
2. यदि पृथ्वी और सूर्य के बीच की दूरी वर्तमान दूरी की आधी हो जाए, तो एक वर्ष में दिनों की संख्या घटकर वर्तमान की एक-चौथाई रह जाएगी।
3. पृथ्वी की सतह से किसी वस्तु को उसके पलायन वेग (Escape Velocity) से दोगुने वेग से प्रक्षेपित किया जाता है, तो पृथ्वी के गुरुत्वाकर्षण क्षेत्र को पार करने के बाद अंतरिक्ष में उस वस्तु का चाल और कुल ऊर्जा दोनों धनात्मक हो जाती हैं।
4. भू-स्थिर उपग्रह (Geostationary Satellite) का परिक्रमण काल पृथ्वी के अपने अक्ष पर घूर्णन काल के बराबर होता है, और यह विषुवत वृत्त के तल में पश्चिम से पूर्व की ओर चक्कर लगाता है तथा इसकी पृथ्वी की सतह से ऊंचाई लगभग 36,000 किलोमीटर होती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
→
निम्नलिखित में से कौन विविधता के महत्व के अंतर्गत “नहीं” आता है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.