जेरोम ब्रूनर
Asked 3 सप्ताह पहले · Viewed 1,186 times
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सर्पिलाकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस शैक्षिक डिज़ाइन के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी भी विषय या जटिल अवधारणा को बच्चे के विकास के विभिन्न चरणों में बार-बार, लेकिन अधिक परिष्कृत, अमूर्त और व्यापक स्तर पर पुनरावृत्ति के साथ प्रस्तुत किया जाता है, ताकि बालक अपने पूर्व अनुभवों के आधार पर ज्ञान की परतों को लगातार विकसित और गहरा कर सके—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के दीर्घकालिक संधारण, स्कीमा के पुनर्गठन और श्रेणीबद्ध बौद्धिक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जेरोम ब्रूनर के 'सर्पिलाकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum) की मुख्य अवधारणा यह है कि शिक्षण प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जहाँ एक ही केंद्रीय विचार या विषय को बार-बार और अधिक जटिलता के साथ बच्चे की आयु और बौद्धिक स्तर के अनुसार प्रस्तुत किया जाए। ब्रूनर का प्रसिद्ध कथन है कि 'किसी भी विषय को किसी भी बच्चे को विकास के किसी भी चरण में बौद्ध रूप से ईमानदार रूप में प्रभावी ढंग से सिखाया जा सकता है।' यह विधि विद्यार्थियों के स्कीमा को विस्तारित करने, उनके पूर्व ज्ञान को नए ज्ञान से जोड़ने और संज्ञानात्मक संरचना को मजबूत करने में अत्यधिक वैज्ञानिक और प्रभावी भूमिका निभाती है।
अगला प्रश्न →
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अधिगम के सिद्धांत' (Theory of Instruction) के…
← पिछला प्रश्न
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और…
Related Questions
→
ब्रूनेर (Jerome Bruner) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के तीन चरणों - क्रियात्मक अवस्था (Enactive Stage), प्रतिबिम्बात्मक अवस्था (Iconic Stage), और सांकेतिक अवस्था (Symbolic Stage) - तथा उनके शिक्षण शास्त्रीय निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक सटीक है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development and Discovery Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'स्पिरल करिकुलम या चक्राकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस शैक्षणिक और पाठ्यक्रम डिजाइन उपागम के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी भी कठिन या जटिल विषय-वस्तु को बालक के प्रारंभिक विकास स्तर पर बहुत सरल, सहज और मूर्त रूप (प्रतीकात्मक या क्रियात्मक रूप में) में प्रस्तुत किया जाता है और जैसे-जैसे बालक की आयु, परिपक्वता और संज्ञानात्मक स्तर बढ़ता जाता है, उसी विषय-वस्तु को बार-बार अधिक गहराई, व्यापकता, अमूर्तता और उच्च तार्किक जटिलता के साथ पुनरावृत्त (Revisited) किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संचयी ज्ञान निर्माण, अमूर्त चिंतन और अवधारणात्मक स्थिरता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
संरचनात्मक अधिगम का सिद्धांत किसने दिया?
→
लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत (Socio-Cultural Theory) के अंतर्गत 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वना या मचान निर्माण' (Scaffolding) की अवधारणाओं का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षिका किसी जटिल गणितीय समस्या को हल करते समय शिक्षार्थियों को प्रारंभिक संकेत, आंशिक समाधान और तार्किक मार्गदर्शन प्रदान करती है, किंतु जैसे-जैसे शिक्षार्थी उस कार्य में निपुण होते जाते हैं, वह अपनी सहायता को धीरे-धीरे कम कर देती है; तो वाइगोत्स्की के इस संवादात्मक और संज्ञानात्मक विकास के प्रतिमान के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन वैज्ञानिक रूप से सर्वाधिक प्रामाणिक एवं सत्य है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Discovery Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सर्पिलाकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस शैक्षणिक रूपरेखा के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी विषय या अवधारणा को छात्र की आयु और संज्ञानात्मक स्तर के अनुसार प्रारंभिक वर्षों में सरल और मूर्त रूप में प्रस्तुत किया जाता है, और जैसे-जैसे छात्र की आयु, परिपक्वता और ज्ञान का स्तर बढ़ता है, उसी विषय को अधिक गहराई, जटिलता और अमूर्त रूप में बार-बार पुनरावृत्ति और विस्तार के साथ पढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संचयी ज्ञानार्जन, तार्किक संरचना और दीर्घकालिक स्मृति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development and Discovery Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'स्पाइरल या सर्पिलाक्रार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस शैक्षणिक संरचना के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी भी जटिल विषय या विचार को बच्चों के प्रारंभिक विकास स्तर पर बहुत ही सरल, मूर्त और सहज रूप में प्रस्तुत किया जाता है, और जैसे-जैसे शिक्षार्थी की आयु, बौद्धिक परिपक्वता और संज्ञानात्मक स्तर बढ़ता जाता है, उसी विषय को बार-बार अधिक अमूर्त, जटिल और उच्च स्तर पर पुनरावृत्ति और गहराई के साथ पढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संचित ज्ञान के विकास, स्कीमा के पुनर्गठन और अवधारणात्मक स्पष्टता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक विकास और खोजपूर्ण अधिगम सिद्धांत' (Theory of Cognitive Growth and Discovery Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'स्पाइरल पाठ्यक्रम या चक्राकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस शैक्षिक डिज़ाइन के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी विषय या संप्रत्यय के मूलभूत विचारों और सिद्धांतों को प्राथमिक स्तर पर सरल और मूर्त रूप में प्रस्तुत किया जाता है तथा जैसे-जैसे शिक्षार्थी की आयु, बौद्धिक परिपक्वता और संज्ञानात्मक स्तर में वृद्धि होती जाती है, उसी विषय को उच्च कक्षाओं में अधिक जटिल, अमूर्त और व्यापक रूप से बार-बार गहराई के साथ पुनरावृत्ति एवं विस्तार देते हुए पढ़ाया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के संचित ज्ञान, दीर्घकालिक स्मृति और संरचनात्मक चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Cognitive Theory of Instruction) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'स्पाइरल पाठ्यक्रम या चक्राकार पाठ्यक्रम' (Spiral Curriculum)—जिसे उस शैक्षिक डिज़ाइन के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत किसी विषय या संप्रत्यय को विद्यालयी शिक्षा के विभिन्न चरणों में बार-बार, अधिक परिष्कृत और जटिल रूपों में प्रस्तुत किया जाता है, जिससे विद्यार्थी पिछले ज्ञान के साथ नए अनुभवों को जोड़ते हुए अपने संज्ञानात्मक ढांचे का निरंतर विस्तार कर सकें—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पूर्वज्ञान के पुनरुत्पादन, संरचनात्मक चिंतन और दीर्घकालिक संस्मरण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.