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मानव शरीर में जैविक अणुओं और पोषण (Nutrition and Vitamins) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. विटामिन B12 (सायनोकोबलामिन) एकमात्र ऐसा जल-विलेय विटामिन है जो यकृत (Liver) और मांसपेशियों में दीर्घकालिक रूप से संग्रहीत किया जा सकता है, और इसके अवशोषण के लिए गैस्ट्रिक म्यूकोसा द्वारा स्रावित 'इन्ट्रीसिक फैक्टर' (Intrinsic factor) अनिवार्य होता है।
  2. 2. ग्लाइकोजेनोलिसिस (Glycogenolysis) वह जैव-रासायनिक प्रक्रिया है जिसके अंतर्गत यकृत में संचित ग्लाइकोजन का ग्लूकोज-6-फास्फेट में जलअपघटन होता है, जो रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मुख्य भूमिका निभाता है।
  3. 3. आवश्यक वसीय अम्ल (Essential fatty acids) जैसे लिनोलिक अम्ल और लिनोलेनिक अम्ल मानव शरीर में संश्लेषित किए जा सकते हैं, क्योंकि मानव शरीर में डेल्टा-12 और डेल्टा-15 डीसैचुरेज एंजाइम प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं।
  4. 4. प्रोटीन की प्राथमिक संरचना (Primary structure) पॉलीपेप्टाइड श्रृंखला में अमीनो अम्लों के रैखिक अनुक्रम को दर्शाती है, जो पेप्टाइड बंधों द्वारा जुड़ी होती है, और यह संरचना प्रोटीन की जैविक विशिष्टता को निर्धारित करने में अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि विटामिन B12 जल-विलेय होने के बावजूद यकृत में वर्षों तक संचित रह सकता है, और इसके अवशोषण के लिए आमाशय द्वारा स्रावित इन्ट्रीसिक फैक्टर आवश्यक होता है। कथन 2 सही है क्योंकि ग्लाइकोजेनोलिसिस ग्लाइकोजन को ग्लूकोज में परिवर्तित करता है। कथन 3 गलत है क्योंकि आवश्यक वसीय अम्ल मानव शरीर में संश्लेषित नहीं किए जा सकते और इन्हें आहार से प्राप्त करना अनिवार्य होता है। कथन 4 सही है क्योंकि प्रोटीन की प्राथमिक संरचना अमीनो अम्लों के रैखिक अनुक्रम और पेप्टाइड बंधों से जुड़ी होती है।
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