निम्नलिखित में से कौन-सी रणनीति उस बच्चे को पाठ योजना प्रदान करने के लिए उपयोगी नहीं है जिसे श्रवण दोष है?
Detailed Explanation
📌 मुख्य संकल्पना / सिद्धांत:
श्रवण दोष (Hearing Impairment) से ग्रसित बच्चों की शिक्षा के लिए उनकी सुनने की क्षमता प्रभावित होती है, लेकिन उनकी देखने और छूने की इंद्रियां सामान्य रूप से कार्य करती हैं। ऐसे बच्चों को पढ़ाने के लिए दृश्य सहायक सामग्री (Visual Aids), सांकेतिक भाषा (Sign Language), चित्र-युक्त पुस्तकें (Books with pictures) और गतिविधियों का प्रत्यक्ष अवलोकन अत्यधिक उपयोगी होता है। इसके विपरीत, 'ब्रेल पद्धति' (Braille System) का उपयोग मुख्य रूप से उन बच्चों के लिए किया जाता है जो दृष्टिबाधित (Visually Impaired) हैं और स्पर्श के माध्यम से पढ़ते हैं। इसलिए, श्रवण दोष वाले बच्चे के लिए ब्रेल पद्धति का उपयोग करना पूरी तरह से अनुपयुक्त और असंगत है। बाल विकास और समावेशी शिक्षा के सिद्धांतों के अनुसार, प्रत्येक विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे को उसकी विकलांगता के स्वरूप के आधार पर ही उचित शिक्षण तकनीक प्रदान की जानी चाहिए।
📊 परीक्षा उपयोगी मुख्य बिंदु:
- श्रवण बाधित बालकों के लिए सांकेतिक भाषा, ओष्ठ पठन (Lip reading) और दृश्य उपकरणों का प्रयोग किया जाता है।
- ब्रेल लिपि (Braille System) का विकास लुई ब्रेल द्वारा किया गया था जो कि नेत्रहीनों या दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए होती है।
- विकल्प (b) चित्र और पाठ्य पुस्तकें श्रवण बाधित बच्चों की दृश्य अधिगम शैली को मजबूत करती हैं।
- विकल्प (d) गतिविधि का अवलोकन करके सीखना (Observing an activity) दृश्य अनुभवों पर आधारित होता है जो श्रवण बाधित बालकों के लिए लाभदायक है।
📖 सैद्धांतिक संदर्भ: समावेशी शिक्षा में विभिन्न अधिगम अक्षमताओं और विशिष्ट बालकों की शिक्षण आवश्यकताओं को समझना अत्यंत आवश्यक है। अधिक जानकारी के लिए समावेशी शिक्षा और अधिगम अक्षमता के सिद्धांतों को पढ़ें।
🎯 परीक्षा दृष्टिकोण: CTET / UPTET / BPSC TRE हेतु महत्वपूर्ण विस्तृत हल ➔
गहन विश्लेषण एवं परीक्षा उपयोगी रणनीतियाँ:
सीटेट (CTET) और अन्य शिक्षक पात्रता परीक्षाओं में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) से जुड़े प्रश्न बार-बार पूछे जाते हैं जहाँ परीक्षार्थियों को विभिन्न विकलांगताओं (जैसे दृष्टिबाधित, श्रवण बाधित, गतिबाधित) और उनके अनुकूलन (Accommodations) के बीच अंतर स्पष्ट करना होता है। ब्रेल लिपि स्पर्श आधारित है, अतः यह श्रवण दोष के बजाय पूर्णतः दृष्टिबाधित बच्चों के लिए है। अध्यापकों को कक्षा में यह सुनिश्चित करना चाहिए कि शिक्षण सहायक सामग्रियां बालक की विशिष्ट अक्षमता के अनुकूल हों, न कि उसके विपरीत। इस प्रकार के नकारात्मक प्रश्नों (Not useful) में सावधानी से विकल्पों का विश्लेषण करना आवश्यक होता है।