स्मृति एवं विस्मृति
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'अधिगम वक्रीयता' (Learning Curves) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक हरमन एबिंगहॉउस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा अध्ययन किए गए 'विस्मरण वक्र' (Forgetting Curve) के अलावा, जब हम अधिगम के दौरान 'पठार' (Plateau in Learning) की स्थिति का विश्लेषण करते हैं, तो फे (Faye) और अन्य मनोवैज्ञानिकों के अनुसार सीखने की प्रक्रिया में उत्पन्न होने वाले इस 'पठार' का मुख्य मनोवैज्ञानिक एवं तकनीकी कारण निम्नलिखित में से किसे माना जाता है?
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Detailed Explanation
अधिगम के पठार (Plateau in Learning) तब उत्पन्न होते हैं जब सीखने की प्रक्रिया में प्रगति अस्थायी रूप से रुक जाती है। इसका मुख्य कारण शारीरिक और मानसिक थकान (Fatigue), प्रेरणा की कमी, पुरानी आदतों का नई आदतों के अर्जन में बाधा डालना (Negative Transfer/Interference), और जटिल विषय-वस्तु का एक स्तर पर आकर अधिक कठिन हो जाना है। एबिंगहॉउस और अन्य शिक्षा मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, सीखने की क्षमता की एक सीमा होती है और जब तक उस सीमा को पार करने के लिए नई विधियों या अतिरिक्त प्रेरणा का सहारा न लिया जाए, प्रगति वक्र सीधा (पठार रूप में) हो जाता है।
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'स्मृति और विस्मरण' (Memory and Forgetting) के संदर्भ में, जर्मन मनोवैज्ञानिक हरमन एबिंगहॉस (Hermann Ebbinghaus) द्वारा 1885 में किए गए प्रसिद्ध 'विस्मृति वक्र' (Forgetting Curve) के अध्ययन के अनुसार, सीखने के तुरंत बाद के शुरुआती समय में विस्मरण की गति कैसी होती है तथा एबिंगहॉस द्वारा खोजे गए 'बचत स्कोर' (Savings Score) का मुख्य शैक्षणिक तात्पर्य निम्नलिखित में से किससे है?
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डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रिम संगठनकर्ता' (Advanced Organizer) की अवधारणा—जिसके तहत किसी नवीन, जटिल और विस्तृत विषय-वस्तु को पढ़ाने से पहले छात्रों के सामने एक उच्च-स्तरीय, समावेशी और अमूर्त परिचयात्मक सामग्री प्रस्तुत की जाती है जो उनके संज्ञानात्मक ढांचे (Cognitive Structure) में पहले से मौजूद प्रासंगिक विचारों और ज्ञान के साथ नए संप्रत्ययों को जोड़ने या 'पुल का काम' करने का कार्य करती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा के विस्तार, तार्किक अवबोध और दीर्घकालिक स्मरण शक्ति के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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फ्रांसिस गाल्टन (Francis Galton) और बाद में आर्थर जेन्सेन (Arthur Jensen) द्वारा प्रतिपादित 'बुद्धि का पदानुक्रमित एवं दो-स्तरीय मॉडल' (Level I and Level II Intelligence Model) के अंतर्गत—जहाँ लेवल I (Level I) साहचर्य अधिगम (Associative Learning) को संदर्भित करता है जिसमें अल्पकालिक स्मृति, रटकर याद रखना और अनुवर्ती अनुक्रियाएँ शामिल होती हैं, तथा लेवल II (Level II) संज्ञानात्मक और वैचारिक कौशल (Cognitive and Conceptual Skills) को संदर्भित करता है जिसमें अमूर्त चिंतन, तार्किक विश्लेषण, समस्या-समाधान और उच्च-स्तरीय प्रतीकात्मक प्रसंस्करण सम्मिलित होते हैं—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की विभिन्न बौद्धिक क्षमताओं, विभेदित अनुदेशन (Differentiated Instruction) और संज्ञानात्मक पदानुक्रम के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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