जीन पियाजे
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'भाषा और विचार' (Language and Thought) के संदर्भ में, मनोवैज्ञानिक जीन पियाजे (Jean Piaget) और लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के वैचारिक दृष्टिकोणों के बीच के मूल सैद्धांतिक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा वैज्ञानिक कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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Detailed Explanation
जीन पियाजे और लेव वाइगोत्स्की के भाषा और विचार के सिद्धांतों में मुख्य अंतर यह है कि पियाजे मानते थे कि 'संज्ञान पहले आता है' (Cognition precedes language) और भाषा उसके विकास को दर्शाती है (जैसे अहंकेन्द्रित वाक्)। इसके विपरीत, वाइगोत्स्की का मानना था कि शुरुआती जीवन में भाषा (सामाजिक संपर्क के लिए) और विचार (सोचने की क्षमता) दो अलग-अलग स्वतंत्र जड़ें रखते हैं, जो लगभग दो वर्ष की आयु में आपस में मिल जाते हैं और भाषा विचारों को विनियमित करने का मुख्य साधन बन जाती है।
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'भाषा विकास और विचार' (Language and Thought) के संदर्भ में, रूसी मनोवैज्ञानिक…
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'अधिगम के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत' के संदर्भ में…
Related Questions
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बाल विकास के संदर्भ में 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'चान्त्वन या मचान' (Scaffolding) की अवधारणाओं के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. लेव वाइगोत्स्की के अनुसार, ZPD वास्तविक विकास स्तर (जो स्वतंत्र रूप से समस्या समाधान द्वारा निर्धारित होता है) और संभावित विकास स्तर (जो किसी वयस्क या अधिक सक्षम साथी के मार्गदर्शन में प्राप्त किया जा सकता है) के बीच का अंतर है।
2. 'चान्त्वन' (Scaffolding) वह प्रक्रिया है जिसके तहत किसी वयस्क या शिक्षक द्वारा बच्चे को सीखने की प्रक्रिया के प्रारंभिक चरणों में अस्थायी और अनुकूलित सहायता प्रदान की जाती है, जिसे बच्चे की क्षमता में सुधार होने के साथ धीरे-धीरे कम (विड्रॉ) कर दिया जाता है।
3. जीन पियाजे ने अपने संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत में इन दोनों अवधारणाओं (ZPD और Scaffolding) को केंद्रीय स्थान दिया है और यह प्रतिपादित किया है कि बच्चे अपने ज्ञान का निर्माण सामाजिक अंतःक्रिया के बिना केवल अपनी स्वतंत्र खोज के माध्यम से करते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
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जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत तथा लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के बीच तुलनात्मक और तात्विक विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक कक्षा में बच्चों के ज्ञान निर्माण की प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए 'पियाजे के आत्मसातीकरण-समायोजन' (Assimilation-Accommodation) के संज्ञानात्मक प्रतिमान तथा 'वाइगोत्स्की के मचान' (Scaffolding) एवं 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (ZPD) के सामाजिक ढांचे का एक एकीकृत उपयोग करता है, तो बच्चों के अधिगम और संज्ञानात्मक विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अंतर्गत, 'निजी वाक' (Private Speech) की अवधारणा के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सबसे अधिक सटीक और वैज्ञानिक व्याख्या प्रस्तुत करता है?
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लेव वाइगोत्स्की के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत के अनुसार, बच्चों के संज्ञानात्मक विकास में 'निजी वाक्' (Private Speech) और 'सामाजिक वाक्' (Social Speech) की भूमिका का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इस सिद्धांत के मूल परिप्रेक्ष्य को सर्वाधिक सटीक रूप से दर्शाता है?
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'अधिगम के संज्ञानात्मक सिद्धांत' (Cognitive Theories of Learning) के संदर्भ में, स्विस मनोवैज्ञानिक जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' की अंतिम अवस्था—'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage)—के दौरान बालकों में विकसित होने वाले 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी चिंतन' (Combinatorial Thinking) के वैज्ञानिक स्वरूप एवं उनकी मुख्य विशेषताओं के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के संदर्भ में, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (Formal Operational Stage) के अंतर्गत 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्क' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'अमूर्त चिंतन' (Abstract Thinking) के वैज्ञानिक स्वरूप, तथा डेविड एल्किंड (David Elkind) द्वारा प्रतिपादित 'किशोर अहंकेन्द्रिता' (Adolescent Egocentrism) की संकल्पना के दो प्रमुख घटकों—'काल्पनिक दर्शक' (Imaginary Audience) और 'व्यक्तिगत कथा' (Personal Fable)—के पारस्परिक अंतर्संबंधों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'बाल विकास एवं शिक्षण विधि' के अंतर्गत जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के संदर्भ में, पियाजे द्वारा बताए गए अंतिम चरण यानी 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - लगभग 11 वर्ष से वयस्कता) की उस विशिष्ट मानसिक एवं तार्किक क्षमता को पहचानिए, जिसमें किशोर या व्यक्ति किसी समस्या के समाधान के लिए बिना किसी मूर्त या वास्तविक वस्तु की उपस्थिति के, केवल प्रस्तावनाओं, बयानों या अमूर्त परिकल्पनाओं (Hypotheses) के आधार पर व्यवस्थित रूप से मानसिक प्रयोग करने और तार्किक निष्कर्ष निकालने में सक्षम हो जाता है?
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'बाल विकास एवं शिक्षण विधि' के अंतर्गत, जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' की अंतिम अवस्था यानी 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage) के दौरान प्रकट होने वाली सबसे प्रमुख तार्किक क्षमता, जिसमें व्यक्ति बिना वास्तविक वस्तुओं की उपस्थिति के केवल प्रतीकों, बयानों और अमूर्त प्रस्तावों (Abstract Propositions) के आधार पर मानसिक रूप से तार्किक निष्कर्ष निकाल सकता है, को निम्नलिखित में से किस विशिष्ट नाम से जाना जाता है?
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