जीन पियाजे
Asked 3 महीने पहले · Viewed 2,928 times
'बाल विकास और जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास की अवस्थाओं' (संवेदी-गामक, पूर्व-संक्रियात्मक, मूर्त संक्रियात्मक, और औपचारिक संक्रियात्मक) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच स्कीमा निर्माण (Schema Formation), संरक्षण (Conservation) की क्षमता, और अमूर्त तार्किक प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-पियाजेरियन ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Piagetian Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में खोजबीन आधारित अधिगम (Discovery Learning), हाथों-हाथ गतिविधियों (Hands-on Activities) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास सिद्धांत के अनुसार, बच्चे सक्रिय निर्माता होते हैं जो अपने पर्यावरण के साथ अंतःक्रिया करके 'स्कीमा' बनाते हैं। न्यूरो-संज्ञानात्मक दृष्टिकोण से, जैसे-जैसे बच्चा संवेदी-गामक से औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था की ओर बढ़ता है, मस्तिष्क के प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स का परिपक्व होना (माइलिनेशन) और कार्यकारी कार्यों में सुधार होना संरक्षण, उत्क्रमणीयता (Reversibility), और अमूर्त तार्किक प्रसंस्करण को संभव बनाता है। हिप्पोकैम्पस नई स्मृतियों और ज्ञान के समेकन में मदद करता है। आधुनिक रचनावादी और न्यूरो-पियाजेरियन पेडागोजी यह मानती है कि बच्चों को 'खोजबीन आधारित अधिगम' (Discovery Learning) और ठोस 'हाथों-हाथ गतिविधियों' (Hands-on Activities) के माध्यम से सीखने का अवसर देने से न्यूरल पाथवे और सिनैप्टिक प्लास्टिसिटी को अनुकूलित किया जा सकता है, जिससे उनकी समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता का संवर्धन होता है। अत: विकल्प (b) सर्वाधिक उपयुक्त एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है।
अगला प्रश्न →
'भाषा विकास एवं विचार' (Language Development and Thought) के…
← पिछला प्रश्न
'भाषा और विचार' (Language and Thought) के…
Related Questions
→
'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage: आत्मकेन्द्रितता, संरक्षण की कमी और अनुत्क्रमणीयता) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'ेंट्रल इंटीरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex), और 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus) के बीच कार्यकारी कार्यप्रणाली (Executive Function), कार्यशील स्मृति (Working Memory) सीमा, और विकेंद्रीकरण (Decentration) की कमी की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की के 'सामाजिक-सांस्कृतिक संज्ञानात्मक विकास' दृष्टिकोण के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कॉग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Cognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहुसंवेदी अनुभव, दृश्य-स्थानिक स्कैफोल्डिंग व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'बाल विकास एवं शिक्षण विधि' के अंतर्गत 'जीन पियाजे (Jean Piaget) के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित चार अवस्थाओं — संवेदी-गामक (Sensorimotor), पूर्व-संक्रियात्मक (Preoperational), मूर्त-संक्रियात्मक (Concrete Operational), और औपचारिक-संक्रियात्मक (Formal Operational) — के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल कॉर्टेक्स' (Parietal Cortex), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच सिनैप्टिक छंटनी (Synaptic Pruning), माइलिनेशन (Myelination), और न्यूरोनल सर्किट रीऑर्गेनाइजेशन की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की के 'संज्ञानात्मक विकास के सामाजिक-सांस्कृतिक परिप्रेक्ष्य' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-जेनेटिव कॉग्निटिव पेडागोजी' (Neuro-Generative Cognitive Pedagogy) और विद्यार्थियों में तार्किक संरक्षण, अमूर्त चिंतन व समग्र संज्ञानात्मक संतुलन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'बाल विकास की अवस्थाएँ' (Stages of Child Development) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Cognitive Development Theory: पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था और मूर्त संक्रियात्मक अवस्था के बीच का संक्रमण काल) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), और 'इन्फीरियर पैराइटल लोब' (Inferior Parietal Lobule) के बीच सेंट्रेशन से डिसेंट्रेशन की ओर बदलाव, कार्यकारी स्मृति विस्तार, और संरक्षण (Conservation) की क्षमता के उद्भव की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की (Lev Vygotsky) के 'समीपस्थ विकास का क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डेवलपमेंटल ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Developmental Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, विकेंद्रीकृत सोच (Decentered Thinking) व समग्र संज्ञानात्मक-संवेगात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'अधिगम के सामाजिक-सांस्कृतिक सिद्धांत' (Sociocultural Theory of Learning) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, लेव वायगोत्स्की (Lev Vygotsky) द्वारा प्रतिपादित 'समीपस्थ विकास क्षेत्र' (Zone of Proximal Development - ZPD) और 'मचान निर्माण' (Scaffolding) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex - कार्यकारी नियंत्रण और योजना), 'मिरर न्यूरॉन सिस्टम' (Mirror Neuron System - सामाजिक प्रेक्षण और अनुकरण), तथा 'भाषा प्रसंस्करण केंद्र' (Broca's and Wernicke's Areas - आंतरिक वाक् और मध्यस्थता) के बीच सामाजिक-संज्ञानात्मक युग्मन (Social-Cognitive Coupling), सहयोगात्मक तंत्रिका सक्रियण, और अंतःवैयक्तिक से अंतरावैयक्तिक नियमन (Inter-psychological to Intra-psychological regulation) की गतिकी, तथा जीन पियाजे के 'व्यक्तिगत संज्ञानात्मक निर्माणवाद' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-सोमेटापेड़ागोजी' (Neuro-Sociocultural Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में सहयोगात्मक समस्या-समाधान, सामाजिक मध्यस्थता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास के चार चरण' (संवेदी-गामक, पूर्व-संक्रियात्मक, मूर्त-संक्रियात्मक, और औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'पैरीएटल लोब' (Parietal Lobe) के बीच माइलिनोएजेसन (Myelination), सिनैप्टिक प्रूनिंग (Synaptic Pruning), और स्थानिक-तार्किक प्रसंस्करण की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की के 'सामाजिक-सांस्कृतिक विकास सिद्धांत' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कोग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Cognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में संक्रियात्मक चिंतन, अमूर्त तर्क क्षमता व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'भाषा विकास और विचार' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जीन पियाजे (Jean Piaget) तथा नोम चॉम्स्की (Noam Chomsky) के भाषा और संज्ञान सिद्धांतों के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका क्षेत्र' (Broca's Area), 'वर्निके क्षेत्र' (Wernicke's Area), और 'आर्क्यूएट फैसिकुलस' (Arcuate Fasciculus) के बीच ध्वन्यात्मक प्रसंस्करण, वाक्यविन्यास एकीकरण, और अर्थ-विज्ञान नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा लेव वाइगोत्स्की के 'आत्म-वाक्' (Egocentric/Inner Speech) अवधारणा के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-लिंग्विस्टिक ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Linguistic Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में भाषाई दक्षता, संज्ञानात्मक लचीलेपन व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'अधिगम के संज्ञानात्मक और रचनावादी उपागम' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, डेविड औसुबेल (David Ausubel) द्वारा प्रतिपादित 'सार्थक मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Theory of Meaningful Verbal Learning: अग्रिम संगठनकर्ता या एडवांस ऑर्गेनाइज़र) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), और 'एंटोरहिनल कॉर्टेक्स' (Entorhinal Cortex) के बीच मौजूदा संज्ञानात्मक संरचनाओं के साथ नए ज्ञान के एकीकरण (Assimilation), सिनैप्टिक नेटवर्किंग, और स्कीमा पुनर्निर्माण (Schema Reconstruction) की सक्रियण गतिकी, तथा जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'ज्ञानात्मक संतुलन (Equilibration)' मॉडल के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कॉग्निटिव कंस्ट्रक्टिविस्ट पेडागोजी' (Neuro-Cognitive Constructivist Pedagogy) और विद्यार्थियों में अवधारणात्मक स्पष्टता, आरेखीय मानचित्रण (Concept Mapping) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
'बाल विकास और जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास का सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, पियाजे द्वारा प्रतिपादित 'संज्ञानात्मक विकास की अवस्थाओं' (संवेदी-गामक, पूर्व-संक्रियात्मक, मूर्त-संक्रियात्मक और औपचारिक-संक्रियात्मक अवस्था) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'हिप्पोकैम्पस' (Hippocampus), 'पैराइटल लोब' (Parietal Lobe), और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच स्कीमा निर्माण (Schema Formation), म्येलिनीकरण (Myelination), और तार्किक संरक्षण (Logical Conservation) की सक्रियण गतिकी, तथा जेरोम ब्रूनर (Jerome Bruner) के 'संज्ञानात्मक प्रतिनिधित्व के तीन मॉडलों' (एनएक्टिव, आइकॉनिक और सिम्बॉलिक प्रतिनिधित्व) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-कॉग्निटिव ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Cognitive Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में खोजपूर्ण अधिगम (Discovery Learning), मूर्त से अमूर्त की ओर शिक्षण व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.