क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
Asked 3 महीने पहले · Viewed 3,158 times
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सकारात्मक पुनर्बलन' (Positive Reinforcement), 'नकारात्मक पुनर्बलन' (Negative Reinforcement), 'प्राथमिक एवं गौण पुनर्बलक' (Primary and Secondary Reinforcers) तथा 'पुनर्बलन अनुसूचियों' (Schedules of Reinforcement - जैसे निश्चित अंतराल, परिवर्तनशील अनुपात आदि) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में वांछित व्यवहारों के shaping (रूप देने) और अधिगम की निरंतरता के विकास के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
व्याख्या: बी. एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत (Operant Conditioning) के अनुसार, पुनर्बलन अनुसूचियाँ (Schedules of Reinforcement) अधिगम की गति और उसके स्थायित्व को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। 'परिवर्तनशील अनुपात अनुसूची' (Variable Ratio Schedule - जिसमें अनिश्चित संख्या में अनुक्रियाओं के बाद पुनर्बलन दिया जाता है) जुआ खेलने की मशीन की तरह कार्य करती है और यह विलोपन (Extinction) के प्रति सबसे अधिक प्रतिरोधी होती है, जिससे कक्षा में विद्यार्थियों द्वारा लगातार उच्च दर पर वांछित अनुक्रियाएँ प्राप्त की जा सकती हैं। विकल्प (a) गलत है क्योंकि नकारात्मक पुनर्बलन अवांछित उद्दीपक को हटाकर वांछित व्यवहार को बढ़ाता है, जबकि सजा व्यवहार को घटाती है। विकल्प (c) गलत है क्योंकि शिक्षा में प्रशंसा, ग्रेड जैसे गौण पुनर्बलक अधिक महत्वपूर्ण हैं। विकल्प (d) गलत है क्योंकि Shaping का उपयोग जटिल मानवीय व्यवहारों के शिक्षण में व्यापक रूप से किया जाता है।
अगला प्रश्न →
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant…
← पिछला प्रश्न
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन…
Related Questions
→
अधिगम के मनोविज्ञान के अंतर्गत एडवर्ड थार्नडाइक के 'मुख्य नियमों' (Primary Laws of Learning) तथा बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) के सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) के संप्रत्यय का सूक्ष्म विश्लेषण करते समय, थार्नडाइक के किस विशिष्ट नियम का प्रत्यक्ष वैचारिक विस्तार और प्रायोगिक परिमार्जन आगे चलकर स्किनर के 'पुनर्बलन अनुसूची' (Schedules of Reinforcement) और अनुक्रिया-प्रतिक्रिया गतिकी का आधार बना?
→
अधिगम के क्षेत्र में इवान पावलव (Ivan Pavlov) के 'शास्त्रीय अनुबंधन सिद्धांत' (Classical Conditioning) तथा बी.एफ. स्किनर (B.F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning) के मध्य के तात्विक और सैद्धांतिक स्वरूप का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के बीच के सबसे महत्वपूर्ण और मौलिक अंतर को रेखांकित करता है?
→
इवान पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) सिद्धांत और बी.एफ. स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) सिद्धांत के बीच की मूलभूत सैद्धांतिक और क्रियात्मक मान्यताओं का गहन विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन दोनों सिद्धांतों के मध्य के सबसे सटीक अंतर को स्पष्ट करता है?
→
अधिगम (Learning) के अध्ययन में थार्नडाइक के 'प्रभाव के नियम' (Law of Effect), पावलव के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) और स्किनर के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन' (Operant Conditioning) में 'पुनर्बलन' (Reinforcement) की भूमिका और उद्दीपक-अनुक्रिया के स्वरूप का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन इन तीनों के मध्य तात्विक और क्रियात्मक अंतर को सर्वाधिक सटीक रूप से स्पष्ट करता है?
→
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सकारात्मक पुनर्बलन' (Positive Reinforcement), 'नकारात्मक पुनर्बलन' (Negative Reinforcement) तथा 'शासकीय पुनर्बलन अनुसूचियां' (Schedules of Reinforcement—जैसे अंतराल और अनुपात अनुसूचियां) के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वांछित व्यवहार के स्थायीकरण, विलोपन नियंत्रण और आंतरिक अभिप्रेरण के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पुनर्बलन अनुसूचियां' (Schedules of Reinforcement—जैसे सतत पुनर्बलन, निश्चित अंतराल, परिवर्तनशील अनुपात आदि) तथा 'शेपिंग' (Shaping) या 'आकृतिकरण' की तकनीक के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के वांछित व्यवहार के दृढ़ीकरण, विलोपन (Extinction) के नियंत्रण और जटिल कौशल के क्रमिक अर्जन के वैज्ञानिक प्रबंधन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'सकारात्मक पुनर्बलन' (Positive Reinforcement), 'नकारात्मक पुनर्बलन' (Negative Reinforcement), 'सजा या दंड' (Punishment), और 'विलुप्तिकरण' (Extinction) की संकल्पनाओं के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ तथा कक्षा-कक्षीय शिक्षण में 'पुनर्बलन की अनुसूचियों' (Schedules of Reinforcement) जैसे कि 'सतत अनुसूची' (Continuous Schedule) और 'आंशिक या अंतरावल अनुसूची' (Partial/Intermittent Schedule) के तुलनात्मक प्रभाव के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'पुनर्बलन अनुसूचियों' (Schedules of Reinforcement) में से 'चर अनुपात अनुसूची' (Variable-Ratio Schedule) की मनोवैज्ञानिक विशेषता तथा कक्षा-कक्ष प्रबंधन एवं शिक्षण अधिगम प्रक्रिया में 'नकारात्मक पुनर्बलन' (Negative Reinforcement) और 'सजा' (Punishment) के बीच तात्विक विभेद के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.