संज्ञानात्मक विकास
Asked 3 महीने पहले · Viewed 2,348 times
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रगामी संगठक' (Advance Organizer) की अवधारणा—जिसके तहत किसी नए और जटिल विषय को पढ़ाने से पहले छात्रों के संज्ञानात्मक ढांचे (Cognitive Structure) में पहले से मौजूद प्रासंगिक विचारों और ज्ञान के साथ नए संप्रत्ययों को जोड़ने के लिए एक उच्च-स्तरीय, समावेशी और परिचयात्मक सामग्री प्रस्तुत की जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा (Schema) के पुनर्गठन, पूर्व-ज्ञान एकीकरण और तार्किक अवबोध के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
डेविड औसुबेल का 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' इस बात पर बल देता है कि अधिगम का सबसे महत्वपूर्ण एकल कारक वह है जो शिक्षार्थी पहले से जानता है (Prior Knowledge)। 'अग्रगामी संगठक' (Advance Organizer) ऐसे इंट्रोडक्टरी मटीरियल या रूपरेखा होते हैं जिन्हें मुख्य पाठ से पहले उच्च स्तर के抽象 (अमूर्तता), सामान्यता और समावेशिता के साथ प्रस्तुत किया जाता है। यह विद्यार्थियों के संज्ञानात्मक ढांचे में पहले से मौजूद प्रासंगिक विचारों (Anchoring Ideas) और नए ज्ञान के बीच एक 'संज्ञानात्मक पुल' (Cognitive Bridge) का काम करता है, जिससे 'अवशोषण' के बजाय 'अर्थपूर्ण अवबोध' (Meaningful Reception Learning) संभव होता है। अतः विकल्प (b) सबसे अधिक वैज्ञानिक और प्रामाणिक कथन है।
अगला प्रश्न →
नॉर्मन मंटेल और जेरोम ब्रूनर द्वारा समर्थित तथा संज्ञानात्मक मनोविज्ञान में…
← पिछला प्रश्न
रॉबर्ट गैग्नी (Robert Gagne) के 'अधिगम के सोपानिकी…
Related Questions
→
'बुद्धि के त्रि-आयामी सिद्धांत (Structure of Intellect Model)' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जे.पी. गिलफोर्ड (J.P. Guilford) द्वारा प्रतिपादित 'संक्रियाओं (Operations), विषय-वस्तुओं (Contents), और उत्पादों (Products)' के त्रिविमीय वर्गीकरण के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'फ्रंटोपैरिएटल नेटवर्क' (Frontoparietal Network), 'टेम्पोरल लोब' (Temporal Lobe), और 'ऑक्सीपिटोपैरिएटल जंक्शन' (Occipitoparietal Junction) के बीच सूचना प्रसंस्करण, बहु-आयामी संज्ञानात्मक एकीकरण (Multidimensional Cognitive Integration), और मानसिक रूपांतरण की सक्रियण गतिकी, तथा लुई थर्स्टन (Louis Thurstone) के 'प्राथमिक मानसिक योग्यताओं' (Primary Mental Abilities) के सिद्धांत के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'मल्टी-डाइमेंशनल कॉग्निटिव पेडागोजी' (Multi-Dimensional Cognitive Pedagogy) और विद्यार्थियों में विश्लेषणात्मक चिंतन, बहु-परप्रेक्ष्य समस्या-समाधान व समग्र बौद्धिक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चों' (Children with Special Needs) के प्रभावी शिक्षण और समावेशन के लिए 'सार्वभौमिक डिजाइन अधिगम' (Universal Design for Learning - UDL) तथा 'विभेदीकृत अनुदेशन' (Differentiated Instruction) की रणनीतियों का तात्विक और शैक्षणिक विश्लेषण करने पर, निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक है?
→
कक्षा में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) का प्रमुख दर्शन क्या है?
→
'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के संदर्भ में, यूनेस्को (UNESCO) के Salamanca Statement (1994) और भारतीय संदर्भ में 'निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009' (RTE Act, 2009) के प्रावधानों के तहत, 'मुख्यधारा' (Mainstreaming) और 'समावेशन' (Inclusion) के दार्शनिक और व्यावहारिक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
रॉबर्ट गैग्नी (Robert Gagne) के 'अधिगम के पदानुक्रम' (Conditions of Learning / Hierarchy of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित सर्वोच्च स्तर यानी 'समस्या-समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी पहले से सीखे गए नियमों, सिद्धांतों और कौशलों (Principle Learning) का उपयोग करके एक नई, जटिल और अनूठी स्थिति में उत्पन्न होने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए आंतरिक वैचारिक नियमों या सूत्रों का आविष्कार करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, सृजनात्मक विश्लेषण और आलोचनात्मक चिंतन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
रॉबर्ट गेग्ने (Robert Gagné) के 'अधिगम के अनुक्रमिक सोपान' (Conditions of Learning) के अंतर्गत प्रतिपादित 'समस्या-समाधान अधिगम' (Problem Solving Learning - सर्वोच्च सोपान) की अवधारणा—जिसके तहत शिक्षार्थी अपने पूर्व-अर्जित नियमों, सिद्धांतों और कौशलों को संयोजित करके किसी नवीन, जटिल और अनसुलझी परिस्थिति में तार्किक रूप से नए नियमों का सृजन करते हुए अपने ज्ञान का विस्तार करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के उच्च-स्तरीय संज्ञानात्मक प्रसंस्करण, सृजनात्मक चिंतन और स्वायत्त बौद्धिक अनुप्रयोग के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत प्रतिपादित 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' (Formal Operational Stage - 11 वर्ष से वयस्कता) के दौरान प्रकट होने वाली 'परिकल्पित-निगमनात्मक तर्कणा' (Hypothetico-Deductive Reasoning) और 'संयोजनवादी चिंतन' (Combinational Thinking) की अवधारणा—जिसके तहत किशोर बालक किसी समस्या के समाधान के लिए केवल प्रत्यक्ष या मूर्त आंकड़ों पर निर्भर रहने के बजाय सभी संभावित तार्किक विकल्पों, परिकल्पनाओं और चरों (Variables) का मानसिक रूप से संयोजन और व्यवस्थित परीक्षण कर सकता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अमूर्त वैज्ञानिक चिंतन, सिद्धांतीकरण और उच्च-स्तरीय बौद्धिक क्षमताओं के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
डेविड औसुबेल (David Ausubel) के 'अर्थपूर्ण मौखिक अधिगम सिद्धांत' (Meaningful Verbal Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अग्रिम संगठनकर्ता' (Advance Organizer) की अवधारणा—जिसके तहत मुख्य शिक्षण सामग्री या नवीन पाठ को पढ़ाने से पहले छात्रों के संज्ञान में मौजूद पूर्व-ज्ञान (Prior Knowledge) के साथ नए संप्रत्ययों को जोड़ने और जोड़ने के लिए एक उच्च-स्तरीय, अमूर्त और व्यापक परिचयात्मक सामग्री या ढांचा प्रस्तुत किया जाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के स्कीमा निर्माण, संज्ञानात्मक संरचना और तार्किक समावेश के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.