गार्डनर: बहुबुद्धि
Asked 3 महीने पहले · Viewed 4,190 times
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्तियों में प्राकृतिक दुनिया (वनस्पति, जीव-जंतु, पारिस्थितिकी तंत्र, मौसम चक्र और पर्यावरण के विभिन्न घटकों) को सूक्ष्मता से पहचानने, वर्गीकृत करने, उनका अध्ययन करने और उनके साथ सफलतापूर्वक तालमेल बिठाने की उच्च क्षमता पाई जाती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक अधिगम, पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशीलता और क्षेत्र-आधारित अन्वेषण (Field-based Exploration) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
हॉवर्ड गार्डनर के बहु-बुद्धि सिद्धांत (Theory of Multiple Intelligences) के अनुसार, 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) वह क्षमता है जिसके माध्यम से व्यक्ति प्रकृति के विभिन्न तत्वों जैसे पेड़-पौधे, जीव-जंतु, मौसम और पारिस्थितिकी तंत्र की सूक्ष्म विशेषताओं को पहचानते, वर्गीकृत करते और समझते हैं। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में इस बुद्धि को विकसित करने के लिए क्षेत्र भ्रमण (Field Trips), पर्यावरण अध्ययन, प्रकृति अन्वेषण और प्रत्यक्ष अवलोकन (Direct Observation) जैसी अनुभवात्मक शिक्षण पद्धतियाँ अत्यंत प्रभावी होती हैं। विकल्प (c) इस अवधारणा के मनोवैज्ञानिक और शैक्षणिक निहितार्थों का सबसे अधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक विवरण प्रस्तुत करता है, जबकि अन्य विकल्प भ्रामक और असत्य हैं।
अगला प्रश्न →
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple…
← पिछला प्रश्न
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत'…
Related Questions
→
'बुद्धि के बहुबुद्धि सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences: भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीतात्मक, शारीरिक-गतिकी, अंतःवैक्तिक, अंतरवैक्तिक और प्रकृतिवादी) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'ब्रोका व वर्निक क्षेत्र', 'पैरिएटल लोब', 'अस्थाई और महाधमनी कॉर्टेक्स', 'सेरिबैलम व मोटर कॉर्टेक्स', और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' के बीच मॉड्यूलर कॉर्टिकल प्रसंस्करण (Modular Cortical Processing), स्वतंत्र तंत्रिका नेटवर्क पृथक्करण (Independent Neural Network Segregation), और डोमेन-विशिष्ट संज्ञानात्मक विशेषज्ञता (Domain-Specific Cognitive Expertise) की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'त्रित्सीय बुद्धि सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence: विश्लेषणात्मक, रचनात्मक और व्यावहारिक बुद्धि) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-इंटेलिजेंस डायवर्सिफाइड पेडागोजी' (Neuro-Intelligence Diversified Pedagogy) और विद्यार्थियों में बहु-संवेदी शिक्षण रणनीतियों, व्यक्तिगत संज्ञानात्मक प्रोफाइल का सम्मान व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धिमत्ता सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'प्राकृतिक बुद्धिमत्ता' (Naturalist Intelligence)—जिसे उस विशिष्ट संज्ञानात्मक योग्यता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से व्यक्ति प्रकृति के विभिन्न रूपों, वनस्पतियों, जीवों, पारिस्थितिक तंत्र और पर्यावरण के सूक्ष्म अंतरों को पहचानने, उनका वर्गीकरण करने और उनके साथ संवेदनशीलता से जुड़ने में अत्यधिक कुशल होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक अवलोकन, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और प्रायोगिक ज्ञान-अर्जन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalistic Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्तियों में प्राकृतिक दुनिया (पौधों, जानवरों, पारिस्थितिकी तंत्र, मौसम के पैटर्न आदि) की बारीकियों को पहचानने, वर्गीकृत करने और उसके साथ सामंजस्य बिठाने की उच्च क्षमता होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के अनुभवात्मक बोध, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और अनुभवात्मक क्षेत्र-अध्ययन (Field Studies) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
'बुद्धि के बहुबुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, हावर्ड गार्डनर (Howard Gardner) द्वारा प्रतिपादित 'बहुबुद्धि सिद्धांत' (जिसमें भाषाई, तार्किक-गणितीय, स्थानिक, संगीत, शारीरिक-गतिकी, अंतःव्यक्तिगत, अंतर्व्यक्तिगत और प्रकृतिवादी बुद्धि शामिल हैं) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के विभिन्न क्षेत्रों जैसे 'ब्रोका व वर्निक क्षेत्र' (Broca's & Wernicke's Areas), 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex), 'ऑक्सीपिटल-पैरिएटल नेटवर्क' (Occipital-Parietal Network), और 'सेरिबैलम व मोटर कॉर्टेक्स' के बीच विशिष्ट संज्ञानात्मक डोमेन मॉड्यूलरिटी (Modular Cognitive Processing), कार्यात्मक तंत्रिका पृथक्करण (Functional Neural Specialization), और समानांतर प्रसंस्करण (Parallel Processing) की सक्रियण गतिकी, तथा रॉबर्ट स्टर्नबर्ग (Robert Sternberg) के 'बुद्धि के त्रिचापीय सिद्धांत' (Triarchic Theory of Intelligence) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-मल्टीपल इंटेलिजेंस ऑप्टिमाइज्ड पेडागोजी' (Neuro-Multiple Intelligence Optimized Pedagogy) और विद्यार्थियों में व्यक्तिगत शक्तियों के पहचान, विभेदित निर्देश रणनीतियों (Differentiated Instruction Strategies) व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'अस्तित्ववादी बुद्धि' (Existential Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत व्यक्तियों में मानव अस्तित्व के गहनतम प्रश्नों, जैसे कि जीवन का अर्थ क्या है, मृत्यु क्यों होती है, ब्रह्मांड की उत्पत्ति कैसे हुई और इस विशाल संसार में हमारा स्थान क्या है, पर विचार करने, उन्हें समझने और दार्शनिक चिंतन करने की उच्च क्षमता होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के दार्शनिक बोध, अमूर्त चिंतन और समग्र मानवीय दृष्टिकोण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत जीवों, वनस्पतियों, पारिस्थितिकी तंत्र और प्राकृतिक पर्यावरण की सूक्ष्म विविधताओं को पहचानने, वर्गीकृत करने और उनके साथ सफलतापूर्वक तालमेल बिठाने की विशिष्ट क्षमता शामिल होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता, अनुभवात्मक क्षेत्र-अध्ययन और समग्र संज्ञानात्मक विकास के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित 'प्रकृतिवादी बुद्धि' (Naturalist Intelligence) की अवधारणा—जिसके तहत प्रकृति के विभिन्न रूपों, वनस्पतियों, जीवों, पारिस्थितिक तंत्र और पर्यावरण के सूक्ष्म अंतरों को पहचानने, उनका वर्गीकरण करने तथा प्राकृतिक वातावरण के साथ तन्मयता स्थापित करने की उच्च-स्तरीय क्षमता शामिल होती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के पर्यावरणीय संवेदनशीलता, अनुभवात्मक अधिगम और पारिस्थितिकीय दृष्टिकोण के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.