मास्लो, रोजर्स एवं मानवतावाद
Asked 3 महीने पहले · Viewed 19 times
कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी उपागम और अनुभवात्मक अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Approach & Experiential Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'सार्थक या अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential / Significant Learning)—जिसे उस गहरे और आत्म-निर्देशित अधिगम के रूप में परिभाषित किया जाता है जो तब घटित होता है जब शिक्षार्थी विषय वस्तु को अपनी व्यक्तिगत आवश्यकताओं, आकांक्षाओं और समस्याओं से जोड़ता है, जिसमें शिक्षक एक 'सुगमकर्ता' (Facilitator) की भूमिका निभाता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों की आंतरिक प्रेरणा, स्व-निर्देशित अध्ययन और संवेगात्मक सहभागिता के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कार्ल रोजर्स के मानवतावादी अधिगम सिद्धांत के अनुसार, 'सार्थक या अनुभवात्मक अधिगम' (Experiential Learning) वह है जो छात्र के संपूर्ण व्यक्तित्व (संज्ञानात्मक और संवेगात्मक दोनों) को जोड़ता है। इसमें शिक्षक ज्ञान प्रदाता न होकर एक 'सुगमकर्ता' (Facilitator) होता है। विकल्प (c) इस मनोवैज्ञानिक सिद्धांत के मूल सार, छात्र-केंद्रित दृष्टिकोण और आंतरिक प्रेरणा को सबसे सटीक रूप से परिभाषित करता है।
अगला प्रश्न →
19वीं शताब्दी के दौरान भारत में हुए सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलनों और उनके…
← पिछला प्रश्न
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी प्रेरणा के…
Related Questions
→
हंस आइजेंक (Hans Eysenck) के व्यक्तित्व के त्रि-आयामी (Three-Factor Model) या PEN मॉडल के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन से तीन मूल जैविक और अनुवांशिक आयाम शामिल हैं?
→
सिग्मंड फ्रायड के मनो-लैंगिक विकास सिद्धांत (Psychosexual Development Theory) के विभिन्न चरणों तथा व्यक्तित्व की संरचना (इदम, अहम् और पराअहम्) का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि कोई बालक लगभग 3 से 6 वर्ष की आयु के दौरान विपरीत लिंगी माता-पिता के प्रति अचेतन आकर्षण और समलैंगिक माता-पिता के प्रति प्रतिद्वंद्विता या भय (जैसे लड़कों में ओडिपस ग्रंथि और लड़कियों में इलेक्ट्रा ग्रंथि) का अनुभव करता है, तथा इस चरण के सफलतापूर्वक समाधान के फलस्वरुप नैतिक मूल्यों और अंतःकरण का विकास होता है, तो फ्रायड के इस सिद्धांत के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
बालक के व्यक्तित्व के मापन की 'प्रक्षेपी विधियाँ' (Projective Techniques) कौन सी हैं?
→
'व्यक्तित्व मापन' (Personality Measurement) की कौन सी विधि सबसे अधिक वस्तुनिष्ठ मानी जाती है?
→
19वीं शताब्दी के सामाजिक एवं सांस्कृतिक जागरण के संदर्भ में, राजा राममोहन राय, स्वामी विवेकानंद और ज्योतिराव फुले के कार्यों और उनके संगठनों से संबंधित निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. राजा राममोहन राय द्वारा 1828 में स्थापित 'ब्रह्म समाज' ने मूर्तिपूजा, बहुदेववाद और जातिगत कठोरताओं का पुरजोर विरोध किया, किंतु उन्होंने पाश्चात्य उदारवादी शिक्षा, विज्ञान और प्रेस की स्वतंत्रता का समर्थन करते हुए आधुनिकीकरण पर विशेष बल दिया।
2. स्वामी विवेकानंद ने 1897 में 'रामकृष्ण मिशन' की स्थापना की, जिसका मुख्य उद्देश्य केवल धार्मिक कर्मकांडों का प्रचार करना था, तथा उन्होंने वेदांत दर्शन को पश्चिमी दुनिया में लोकप्रिय बनाने के लिए कभी भी सामाजिक सेवा या मानवतावादी कार्यों को प्राथमिकता नहीं दी।
3. ज्योतिराव फुले द्वारा 1873 में स्थापित 'सत्यशोधक समाज' ने ब्राह्मणवादी वर्चस्व और सामाजिक असमानता के विरुद्ध शूद्रों व अतिशूद्रों के अधिकारों के लिए संघर्ष किया तथा अपनी प्रसिद्ध पुस्तक 'गुलामगिरी' के माध्यम से जाति व्यवस्था की कड़ी आलोचना की।
4. ईश्वर चंद्र विद्यासागर के अथक प्रयासों के परिणामस्वरूप ब्रिटिश सरकार ने 1856 में 'हिन्दू विधवा पुनर्विवाह अधिनियम' (Act XV of 1856) पारित किया, जिससे समाज में विधवाओं के पुनर्विवाह को कानूनी वैधता प्राप्त हुई।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन सत्य है/हैं?
→
अब्राहम मैस्लो द्वारा प्रतिपादित आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत (Hierarchy of Needs) के अनुसार, यदि किसी व्यक्ति की शारीरिक (Physiological) और सुरक्षा (Safety) से जुड़ी बुनियादी आवश्यकताएं पूरी हो जाती हैं, तो उसके बाद वह पदानुक्रम के अगले किस उच्च स्तर की आवश्यकता को प्राप्त करने के लिए प्रेरित होता है, जो उसकी सामाजिक और अपनेपन की इच्छाओं से संबंधित है?
→
कार्ल रोजर्स (Carl Rogers) के 'मानवतावादी अधिगम सिद्धांत' (Humanistic Learning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'प्रामाणिकता या सहजता' (Realness / Congruence)—जिसे उस मनोवैज्ञानिक स्थिति के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ शिक्षक अपने विद्यार्थियों के सामने बिना किसी कृत्रिम मुखौटे या पेशेवर ढोंग के अपने वास्तविक संवेगों, विचारों और संवेदनाओं के साथ पूरी तरह से पारदर्शी और सच्चे रूप में उपस्थित होता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के मनोवैज्ञानिक सुरक्षा (Psychological Safety), आत्म-स्वीकृति (Self-Acceptance) और सार्थक अनुभवात्मक अधिगम (Experiential Learning) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
अब्राहम मास्लो (Abraham Maslow) के 'मानवतावादी आवश्यकता पदानुक्रम सिद्धांत' (Theory of Human Motivation / Hierarchy of Needs) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'आत्म-सिद्धि या आत्म-प्राप्ति' (Self-Actualization)—जिसे उस सर्वोच्च मनोवैज्ञानिक आवश्यकता के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ व्यक्ति अपनी पूरी क्षमता, रचनात्मकता, प्रतिभा और आंतरिक संभावनाओं का पूर्ण विकास और उपयोग करने के लिए प्रेरित होता है, जो कि बुनियादी शारीरिक, सुरक्षा, अपनेपन और सम्मान की आवश्यकताओं के संतुष्ट होने के बाद ही शीर्ष स्तर पर उभरती है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के समग्र विकास, आंतरिक प्रेरणा और उच्च-स्तरीय शैक्षणिक लक्ष्यों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.