राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन शिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) का मुख्य उद्देश्य बच्चों के स्कूली ज्ञान को उनके बाहरी जीवन और वास्तविक अनुभवो...
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के अनुसार स्कूली शिक्षा की नई शैक्षणिक संरचना क्या है?
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत वर्तमान 10+2 प्रणाली को एक नई curricular structure (5+3+3+4) से प्रतिस्थापित किया गया है, जो क्रमशः फाउंडेशनल, प्रीपेरेटरी, मिडिल...
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन का मुख्य उद्देश्य क्या होना चाहिए?
NCF 2005 के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन का मुख्य उद्देश्य बच्चों के कक्षा कक्षीय अधिगम को उनके बाहरी जीवन और वास्तविक दुनिया के अनुभवों से जोड़ना है।
कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' अभिविन्यास किस स्तर के अंतर्गत आता है?
कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की' (Good Boy-Good Girl) अभिविन्यास पारंपरिक स्तर (Conventional Level) के तीसरे चरण के अंतर्गत आता है, जिसमे...
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' की समयावधि क्या है?
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत की अंतिम अवस्था औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था 11 वर्ष से किशोरावस्था और आगे तक यानी लगभग 11 वर्ष से आगे मानी जाती है।
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'अमूर्त चिंतन' किस अवस्था की विशेषता है?
जीन पियाजे के अनुसार, औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था (11 वर्ष से वयस्कता) में बच्चों में अमूर्त चिंतन, तार्किक सोच और समस्या समाधान की क्षमता विकसित होती है।
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार, प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन पाठ्यक्रम का मुख्य आधार क्या होना चाहिए?
राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (NCF) 2005 के अनुसार प्राथमिक स्तर पर पर्यावरण अध्ययन (EVS) को छह थीमों (परिवार और मित्र, भोजन, पानी, आश्रय, यात्रा, और चीजें जो हम बनाते...
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' की आयु अवधि क्या है?
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार, 'पूर्व संक्रियात्मक अवस्था' (Pre-operational Stage) की अवधि लगभग 2 वर्ष से 7 वर्ष तक होती है।
समावेशी शिक्षा के अंतर्गत किस प्रकार के बालकों को शामिल किया जाता है?
समावेशी शिक्षा एक ऐसी प्रणाली है जिसमें सामान्य बालकों और विभिन्न प्रकार के विशिष्ट बालकों (शारीरिक, मानसिक या सामाजिक रूप से भिन्न) को एक ही कक्षा में बिना किसी भेदभाव क...
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार 'औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था' की समयावधि निम्नलिखित में से क्या है?
जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अनुसार औपचारिक संक्रियात्मक अवस्था 11 वर्ष से वयस्कता (आगे) तक की आयु होती है जिसमें किशोरों में अमूर्त चिंतन की क्षमता वि...