वंशानुक्रम बनाम वातावरण: अंतर और तुलना
वंशानुक्रम माता-पिता से जीन के रूप में मिलने वाली जन्मजात विशेषताएँ हैं, जबकि वातावरण वे सभी बाहरी परिस्थितियाँ हैं जिनमें बच्चा पलता-बढ़ता है। आधुनिक मत है कि विकास दोनों की अंतःक्रिया से होता है।
वंशानुक्रम और वातावरण में मुख्य अंतर
| आधार | वंशानुक्रम | वातावरण |
|---|---|---|
| अर्थ | जीन द्वारा माता-पिता से मिले गुण और संभावनाएँ। | परिवार, विद्यालय, समाज, पोषण और अनुभव जैसी बाहरी परिस्थितियाँ। |
| समय | गर्भाधान के क्षण में तय हो जाता है। | गर्भावस्था से जीवन भर चलता है। |
| उदाहरण | आँखों का रंग, रक्त समूह, लंबाई की संभावना। | भाषा, रीति-रिवाज, शिक्षा का स्तर। |
| परिवर्तनीयता | जन्म के बाद बदला नहीं जा सकता। | काफ़ी हद तक बदला और सुधारा जा सकता है। |
| विकास में भूमिका | संभावनाओं की सीमा तय करता है। | तय करता है कि संभावनाएँ कितनी खिलेंगी। |
| प्रमुख पक्षधर | फ्रांसिस गैल्टन ने जन्मजात गुणों पर बल दिया। | जॉन वॉटसन ने वातावरण की शक्ति पर बल दिया। |
| अध्ययन विधि | जुड़वाँ बच्चों और परिवार के अध्ययन। | गोद लिए बच्चों और अलग-अलग परिवेश में पले जुड़वाँ बच्चों के अध्ययन। |
दोनों की अंतःक्रिया
किसी एक को पूरी तरह निर्णायक मानना ठीक नहीं। जैसे संगीत की क्षमता का जीन भले मिले, पर उसे अभ्यास और अवसर का वातावरण न मिले तो वह विकसित नहीं होती। इसी तरह अच्छा वातावरण भी जीन द्वारा तय सीमा से आगे नहीं ले जा सकता।
परीक्षा के लिए याद रखें
जन्मजात और जीन से मिला वह वंशानुक्रम, बाहर से मिला और अर्जित वह वातावरण। विकास में किसका प्रभाव अधिक जैसे प्रश्नों में सही उत्तर प्रायः दोनों की अंतःक्रिया होता है।
अभ्यास प्रश्न
संदर्भ
- फ्रांसिस गैल्टन, English Men of Science: Their Nature and Nurture (1874)
- NCERT, मनोविज्ञान की पाठ्यपुस्तकें