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वंशानुक्रम बनाम वातावरण (Nature vs Nurture) क्या है?

वंशानुक्रम बनाम वातावरण वह बहस है कि बालक का विकास जन्मजात (जीन) कारकों से अधिक तय होता है या परवरिश और परिवेश से। आज के मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि दोनों साथ मिलकर विकास को आकार देते हैं।

वंशानुक्रम बनाम वातावरण: विस्तृत व्याख्या

वंशानुक्रम बनाम वातावरण को समझें

फ्रांसिस गैल्टन ने नेचर और नर्चर की इस बहस को लोकप्रिय बनाया। वंशानुक्रम शारीरिक बनावट, रंग और कुछ क्षमताओं की संभावनाएँ तय करता है, जबकि वातावरण यह तय करने में मदद करता है कि ये संभावनाएँ कितनी विकसित होंगी। जुड़वाँ बच्चों के अध्ययन इसी प्रश्न को समझने के लिए किए जाते हैं।

याद रखने योग्य बिंदु

  • दोनों का आपसी संबंध, किसी एक का प्रभुत्व नहीं
  • गैल्टन ने बहस को लोकप्रिय बनाया
  • जुड़वाँ अध्ययन इसे जाँचने की प्रमुख विधि हैं

उदाहरण

दो बच्चों में संगीत के प्रति रुचि के जीन एक जैसे हो सकते हैं, पर जिसे घर में वाद्य और अभ्यास का अवसर मिलता है, उसकी प्रतिभा अधिक खिलती है।

परीक्षा में कैसे पूछा जाता है

विकास में किसका प्रभाव अधिक है जैसे प्रश्नों में सही उत्तर प्रायः दोनों की अंतःक्रिया होता है। वंशानुक्रम को जन्मजात और वातावरण को अर्जित से जोड़कर याद रखें।

वंशानुक्रम बनाम वातावरण पर अभ्यास प्रश्न (MCQ)

वंशानुक्रम एवं वातावरण के सभी प्रश्न देखें →

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संदर्भ
  • फ्रांसिस गैल्टन, English Men of Science: Their Nature and Nurture (1874)
  • NCERT, मनोविज्ञान की पाठ्यपुस्तकें