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विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (Children with Special Needs) क्या है?

विशेष आवश्यकता वाले बच्चे (CWSN) वे हैं जिन्हें शारीरिक, संवेदी, बौद्धिक, सीखने या व्यवहार संबंधी कारणों से सामान्य कक्षा में पढ़ने के लिए अतिरिक्त सहायता, सुविधा या अनुकूलन की ज़रूरत पड़ती है। यह शब्द दिव्यांग बच्चों तक सीमित नहीं है।

विशेष आवश्यकता वाले बच्चे: विस्तृत व्याख्या

विशेष आवश्यकता वाले बच्चे को समझें

दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 ने मान्य दिव्यांगताओं की सूची बढ़ाकर इक्कीस कर दी, जिसमें विशिष्ट अधिगम अक्षमता भी आती है। बेंचमार्क दिव्यांगता का अर्थ है कम से कम चालीस प्रतिशत दिव्यांगता। शिक्षक का दायित्व है कि वह पहचान करे, विशेष शिक्षक और परिवार से तालमेल रखे और कक्षा में उपयुक्त अनुकूलन करे।

याद रखने योग्य बिंदु

  • RPwD अधिनियम 2016 में इक्कीस दिव्यांगताएँ
  • बेंचमार्क दिव्यांगता: कम से कम 40 प्रतिशत
  • पहचान, सहायता और अनुकूलन, तीनों शिक्षक की भूमिका

उदाहरण

सुनने में कठिनाई वाले बच्चे को कक्षा में आगे बैठाना, शिक्षक का उसकी ओर मुँह करके बोलना और लिखित निर्देश देना, ये सब अनुकूलन के उदाहरण हैं।

परीक्षा में कैसे पूछा जाता है

CWSN की पहचान, अनुकूलन और संसाधन कक्ष जैसे संदर्भों में प्रश्न आते हैं। इक्कीस दिव्यांगताओं की संख्या और बेंचमार्क दिव्यांगता का प्रतिशत सीधे पूछे जाते हैं।

विशेष आवश्यकता वाले बच्चे पर अभ्यास प्रश्न (MCQ)

समावेशी शिक्षा के सभी प्रश्न देखें →

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संबंधित अवधारणाएँ

संदर्भ
  • भारत सरकार, दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016
  • NCERT, समावेशी शिक्षा संबंधी सामग्री