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सकारात्मक पुनर्बलन (Positive Reinforcement) क्या है?

सकारात्मक पुनर्बलन में किसी व्यवहार के बाद कोई सुखद चीज़ दी जाती है, जिससे वह व्यवहार दोहराए जाने की संभावना बढ़ती है। यह बी.एफ. स्किनर के क्रियाप्रसूत अनुबंधन की बुनियादी संकल्पना है।

सकारात्मक पुनर्बलन: विस्तृत व्याख्या

सकारात्मक पुनर्बलन को समझें

यहाँ जोड़ना (positive) और बढ़ाना (reinforcement) दोनों की बात है। सुखद चीज़ प्रशंसा, इनाम, तारा या कोई विशेषाधिकार हो सकती है। ध्यान रखें कि पुनर्बलन का असली पैमाना यह है कि व्यवहार बढ़ा या नहीं, देने वाले की मंशा नहीं।

याद रखने योग्य बिंदु

  • सुखद उद्दीपक जोड़ना, व्यवहार बढ़ना
  • तुरंत दिया गया पुनर्बलन ज़्यादा असरदार
  • नकारात्मक पुनर्बलन और दंड से अलग

उदाहरण

होमवर्क समय पर जमा करने वाले बच्चों को शिक्षिका सराहना और तारा देती हैं। अगले हफ़्तों में ज़्यादा बच्चे समय पर होमवर्क जमा करते हैं।

परीक्षा में कैसे पूछा जाता है

कुछ अच्छा जोड़ने से व्यवहार बढ़े तो सकारात्मक पुनर्बलन। नकारात्मक पुनर्बलन और दंड से इसका अंतर हर परीक्षा में किसी न किसी रूप में पूछा जाता है।

सकारात्मक पुनर्बलन पर अभ्यास प्रश्न (MCQ)

स्किनर के सभी प्रश्न देखें →

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संदर्भ
  • बी.एफ. स्किनर, The Behavior of Organisms (1938)
  • NCERT, मनोविज्ञान की पाठ्यपुस्तकें