शास्त्रीय बनाम क्रियाप्रसूत अनुबंधन: अंतर और तुलना
शास्त्रीय अनुबंधन में दो उद्दीपकों के साहचर्य से अनैच्छिक अनुक्रिया सीखी जाती है, जबकि क्रियाप्रसूत अनुबंधन में व्यवहार के परिणाम (पुनर्बलन या दंड) से ऐच्छिक व्यवहार की पुनरावृत्ति तय होती है।
शास्त्रीय अनुबंधन (पावलोव) और क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर) में मुख्य अंतर
| आधार | शास्त्रीय अनुबंधन (पावलोव) | क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर) |
|---|---|---|
| प्रतिपादक | इवान पावलोव। | बी.एफ. स्किनर। |
| अनुक्रिया का प्रकार | अनैच्छिक; उद्दीपक द्वारा उत्पन्न (respondent)। | ऐच्छिक; जीव स्वयं करता है (operant)। |
| सीखने का आधार | अनअनुबंधित और अनुबंधित उद्दीपक का साहचर्य। | व्यवहार के बाद मिलने वाला परिणाम (पुनर्बलन/दंड)। |
| क्रम | उद्दीपक पहले, अनुक्रिया बाद में। | अनुक्रिया पहले, परिणाम बाद में। |
| प्रमुख प्रयोग | कुत्ते पर घंटी और भोजन के साथ लार-स्राव का प्रयोग। | स्किनर बॉक्स में चूहे या कबूतर पर प्रयोग। |
| प्रमुख संकल्पनाएँ | अनअनुबंधित उद्दीपक और अनुक्रिया, अनुबंधित उद्दीपक और अनुक्रिया, सामान्यीकरण, विभेदन। | सकारात्मक पुनर्बलन, नकारात्मक पुनर्बलन, दंड, पुनर्बलन की अनुसूचियाँ। |
| विलोपन | अनुबंधित उद्दीपक के साथ अनअनुबंधित उद्दीपक न दोहराने पर अनुबंधित अनुक्रिया धीरे-धीरे कमज़ोर हो जाती है। | पुनर्बलन बंद कर देने पर सीखा हुआ व्यवहार धीरे-धीरे कम होता जाता है। |
| शिक्षा में उपयोग | भय या रुचि जैसी भावनात्मक प्रतिक्रियाओं को समझना। | प्रशंसा, पुरस्कार और अभिक्रमित अधिगम से व्यवहार निर्माण। |
दोनों में समानता
दोनों ही व्यवहारवादी अधिगम सिद्धांत हैं। दोनों मानते हैं कि सीखना अनुभव से व्यवहार में आया परिवर्तन है और इसे बाहरी घटनाओं के आधार पर समझा जा सकता है। दोनों में विलोपन, सामान्यीकरण और विभेदन जैसी प्रक्रियाएँ देखी जाती हैं, इसलिए प्रश्नों में इन्हें आपस में मिलाकर पूछा जाता है।
कक्षा में कैसे पहचानें
यदि बच्चा किसी स्थिति से डरकर प्रतिक्रिया करता है, तो यह शास्त्रीय अनुबंधन का उदाहरण है। यदि बच्चा प्रशंसा मिलने की वजह से बार-बार अच्छा काम करता है, तो यह क्रियाप्रसूत अनुबंधन है।
परीक्षा के लिए याद रखें
पावलोव = उद्दीपक से जुड़ाव (साहचर्य), अनैच्छिक अनुक्रिया। स्किनर = परिणाम से व्यवहार, ऐच्छिक अनुक्रिया। "पुनर्बलन से व्यवहार बढ़ना" पूछा जाए तो क्रियाप्रसूत अनुबंधन।
अभ्यास प्रश्न
- शास्त्रीय अनुबंधन (पावलोव) पर MCQ
- क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर) पर MCQ
- अवधारणा: सकारात्मक पुनर्बलन
- अवधारणा: नकारात्मक पुनर्बलन
- अवधारणा: व्यवहार को आकार देना
- अवधारणा: विलोपन
- इवान पावलोव, Conditioned Reflexes (1927 का अंग्रेज़ी अनुवाद)
- बी.एफ. स्किनर, The Behavior of Organisms (1938)
- NCERT, मनोविज्ञान एवं शिक्षा संबंधी पाठ्यपुस्तकें