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व्यवहार को आकार देना (Shaping) क्या है?

व्यवहार को आकार देना (शेपिंग) स्किनर की वह तकनीक है जिसमें लक्ष्य व्यवहार तक पहुँचने वाले छोटे-छोटे चरणों को क्रम से पुनर्बलित किया जाता है। इसे क्रमिक सन्निकटन की विधि भी कहते हैं।

व्यवहार को आकार देना: विस्तृत व्याख्या

व्यवहार को आकार देना को समझें

जब लक्ष्य व्यवहार जटिल हो और जीव उसे अपने आप न करता हो, तो पहले उससे मिलती-जुलती सरल क्रिया को पुनर्बलित किया जाता है। फिर धीरे-धीरे अपेक्षा बढ़ाई जाती है, जब तक अंतिम व्यवहार न बन जाए। यही सिद्धांत अभिक्रमित अधिगम में भी काम आता है।

याद रखने योग्य बिंदु

  • छोटे चरणों का पुनर्बलन, अंतिम लक्ष्य की ओर
  • क्रमिक सन्निकटन का दूसरा नाम
  • अभिक्रमित अधिगम का आधार

उदाहरण

जो बच्चा पहले हाथ नहीं उठाता, उसे पहले सिर्फ़ पास आने पर, फिर एक शब्द बोलने पर, फिर पूरा उत्तर बोलने पर शाबाशी मिलती है। धीरे-धीरे वह कक्षा में बेझिझक बोलने लगता है।

परीक्षा में कैसे पूछा जाता है

छोटे चरणों में पुनर्बलन देकर जटिल व्यवहार सिखाना हो तो उत्तर शेपिंग या क्रमिक सन्निकटन। इसे अभिक्रमित अधिगम से जोड़कर याद रखें।

व्यवहार को आकार देना पर अभ्यास प्रश्न (MCQ)

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संदर्भ
  • बी.एफ. स्किनर, Science and Human Behavior (1953)
  • NCERT, मनोविज्ञान की पाठ्यपुस्तकें