भारत में आधुनिक शिक्षा के विकास और उससे संबंधित ऐतिहासिक अधिनियमों तथा आयोगों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. वर्ष 1854 का 'वुड्स डिस्पैच' (Wood's Despatch), जिसे भारत में 'शिक्षा का मैग्नाकार्टा' कहा जाता है, ने कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास में लंदन विश्वविद्यालय के तर्ज पर विश्वविद्यालयों की स्थापना की सिफारिश की थी तथा महिला शिक्षा और व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष बल दिया था।
- 2. वर्ष 1882 में गठित 'हंटर शिक्षा आयोग' (Hunter Commission) का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक शिक्षा की प्रगति की समीक्षा करना था, और इसने स्थानीय निकायों (Municipalities and District Boards) को प्राथमिक शिक्षा के नियंत्रण और वित्तपोषण का उत्तरदायित्व सौंपने की संस्तुति की थी।
- 3. वर्ष 1904 के 'भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम' (Indian Universities Act) को लॉर्ड कर्जन के कार्यकाल में पारित किया गया था, जिसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों में सीनेट के सदस्यों की संख्या बढ़ाना और उन्हें लोकतांत्रिक स्वरूप प्रदान करना था ताकि उच्च शिक्षा में अधिक स्वायत्तता मिल सके।
- 4. वर्ष 1944 की 'सार्जेंट योजना' (Sergeant Plan), जिसे 'युद्धोत्तर शिक्षा विकास की योजना' भी कहा जाता है, ने देश में 6 से 14 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए निःशुल्क और अनिवार्य प्राथमिक शिक्षा प्रदान करने तथा आगामी 40 वर्षों में ब्रिटिश भारत जैसी साक्षरता दर प्राप्त करने का लक्ष्य रखा था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
Detailed Explanation
कथन 1 सत्य है क्योंकि वुड्स डिस्पैच (1854) को भारतीय शिक्षा का मैग्नाकार्टा कहा जाता है और इसके तहत 1857 में कलकत्ता, बॉम्बे और मद्रास विश्वविद्यालय स्थापित किए गए थे। कथन 2 सत्य है; हंटर आयोग (1882) प्राथमिक शिक्षा के विकास से संबंधित था और इसने स्थानीय निकायों को इसकी जिम्मेदारी देने की सिफारिश की थी। कथन 3 असत्य है क्योंकि लॉर्ड कर्जन द्वारा लाए गए 1904 के भारतीय विश्वविद्यालय अधिनियम का मुख्य उद्देश्य विश्वविद्यालयों की स्वायत्तता को कम करना और सिंडिकेट तथा सीनेट में सरकारी नियंत्रण व निर्वाचित सदस्यों की संख्या को घटाना था, न कि उन्हें लोकतांत्रिक बनाना। कथन 4 सत्य है; सार्जेंट योजना (1944) ने 6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा और देश में शैक्षणिक पुनरुद्धार की रूपरेखा प्रस्तुत की थी। अधिक अभ्यास के लिए बिहार शिक्षक भर्ती परीक्षा पोर्टल पर विजिट करें।