विशेष आवश्यकता वाले बालक (CWSN)
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs) के प्रभावी समावेशन के लिए 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के निम्नलिखित में से किस सिद्धांत के अंतर्गत शिक्षण अधिगम सामग्री (TLM) और पाठ्यचर्या में ऐसे बहुविध वैकल्पिक उपाय प्रदान किए जाते हैं जो संवेदी अक्षमता वाले बालकों (जैसे दृष्टिबाधित या श्रवणबाधित) के लिए सूचना प्राप्ति को सुगम बनाते हैं?
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Detailed Explanation
समावेशी शिक्षा में 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों में से 'प्रतिनिधित्व के बहुविध साधन' (Multiple Means of Representation) का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि ज्ञान और सूचना विभिन्न माध्यमों से प्रस्तुत की जाए ताकि विभिन्न प्रकार की विशिष्ट आवश्यकताओं (जैसे दृश्य, श्रवण या पठन अक्षमता) वाले बच्चे अपनी अनूठी अधिगम शैलियों और क्षमताओं के अनुसार सूचना को आसानी से समझ सकें। इस संदर्भ में विकिपीडिया संदर्भ के अनुसार समावेशी कक्षाएं प्रत्येक छात्र की व्यक्तिगत भिन्नताओं का सम्मान करते हुए अधिगम वातावरण का निर्माण करती हैं।
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बिहार सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य एवं कल्याणकारी…
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हॉवर्ड गार्डनर (Howard Gardner) के 'बहु-बुद्धि सिद्धांत' (Theory of Multiple Intelligences) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अंतरवैक्तिक बुद्धि या इंटरपर्सनल इंटेलिजेंस' (Interpersonal Intelligence)—जिसे उस विशिष्ट संज्ञानात्मक और सामाजिक क्षमता के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके अंतर्गत व्यक्ति अन्य मनुष्यों के मूड, स्वभाव, प्रेरणाओं, भावनाओं और इंटेंशन्स (इरादों) को सूक्ष्मता से समझने, उनका सटीक मूल्यांकन करने और उनके साथ प्रभावी ढंग से संवाद तथा संबंध स्थापित करने में असाधारण कौशल प्रदर्शित करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सहयोगात्मक अधिगम (Collaborative Learning), सामाजिक बुद्धिमत्ता और समूह गतिकी (Group Dynamics) के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
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'समावेशी शिक्षा और विशिष्ट बालकों के मनोवैज्ञानिक स्वरूप' के संदर्भ में, लुइस ब्रेल (Louis Braille) द्वारा विकसित 'ब्रेल लिपि' (Braille System) के छह-बिंदु कोड मैट्रिक्स (Six-dot Cell Matrix) की स्पर्शनीय न्यूरो-संज्ञानात्मक कार्यप्रणाली और दृश्यबाधित विद्यार्थियों में स्पर्श संवेदन के माध्यम से मस्तिष्क के दृश्यक (Visual Cortex) के पुनरुपयोग (Cross-modal Plasticity) की प्रक्रिया, तथा सैम बार्नेट (Sam Barnett) और अन्य द्वारा विश्लेषित 'दृष्टिहीनता और श्रवणबाधित बालकों के समावेशन में सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन प्रमुख सिद्धांतों (अर्थात् बहुविध प्रस्तुति, बहुविध अभिव्यक्ति, और बहुविध जुड़ाव) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सुलभ अधिगम वातावरण के निर्माण और विद्यार्थियों में स्वायत्त ज्ञान निर्माण के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'समावेशी शिक्षा और सार्वभौमिक डिजाइन (Universal Design for Learning - UDL)' के संदर्भ में, डेविड रोज़ (David Rose) और सेंटर फॉर अप्लाइड स्पेशल टेक्नोलॉजी (CAST) द्वारा प्रतिपादित 'अधिगम के लिए सार्वभौमिक रूपरेखा' के तीन मुख्य सिद्धांतों—'प्रस्तुति के बहुविध साधन' (Multiple Means of Representation), 'अभिव्यक्ति और कार्रवाई के बहुविध साधन' (Multiple Means of Action and Expression), और 'संलग्नता के बहुविध साधन' (Multiple Means of Engagement)—के न्यूरो-संज्ञानात्मक स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'मान्यता नेटवर्क' (Recognition Networks), 'रणनीतिक नेटवर्क' (Strategic Networks), और 'भावात्मक नेटवर्क' (Affective Networks) की सहयोगात्मक सक्रियण प्रक्रिया, तथा लेव वाइगोत्स्की के 'अंतःक्रियात्मक जोन' के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, सुलभ पाठ्यचर्या निर्माण और विद्यार्थियों में संज्ञानात्मक अभिगम्यता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में 'सार्वभौमिक डिजाइन फॉर लर्निंग' (Universal Design for Learning - UDL) के तीन मुख्य सिद्धांतों—अभिप्रेरणा के लिए बहुવિધ साधन, प्रतिनिधित्व के लिए बहुવિધ साधन, और अभिव्यक्ति के लिए बहुવિધ साधन—का गहन तात्विक और पेड़ागोजी संबंधी विश्लेषण करने पर, यदि एक शिक्षक अपनी कक्षा में विभिन्न प्रकार की विशिष्ट आवश्यकताओं वाले बच्चों (जैसे श्रवण बाधित, दृष्टि बाधित और अधिगम अक्षम) की विविध अधिगम शैलियों को समायोजित करने के लिए इन सिद्धांतों को लागू करता है, तो UDL के दार्शनिक और क्रियात्मक स्वरूप के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के संदर्भ में, निशक्तजन अधिकार अधिनियम, 2016 (RPwD Act 2016) के अंतर्गत 'विशिष्ट आवश्यकता वाले बच्चे' (Children with Special Needs) की श्रेणी में आने वाले व्यक्तियों के लिए 'बेंचमार्क विकलांगता' (Benchmark Disability) का निर्धारण करने हेतु न्यूनतम कितने प्रतिशत विकलांगता (Disability) का होना अनिवार्य कानूनी रूप से निर्धारित किया गया है?
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समावेशी शिक्षा (Inclusive Education) के अंतर्गत, जब कक्षा में दृष्टिबाधित (Visually Impaired) छात्रों के समावेशन के लिए स्पर्शनीय मानचित्र (Tactile Maps), ब्रेल लिपि (Braille), और श्रव्य सामग्रियां (Audio Materials) का उपयोग किया जाता है, तो यह शिक्षण अधिगम प्रक्रिया निम्नलिखित में से किस मुख्य शैक्षिक और मनोवैज्ञानिक अवधारणा का प्रत्यक्ष अनुप्रयोग है?
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बिहार सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में चलाई जा रही प्रमुख योजनाओं तथा उनके क्रियान्वयन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना' के तहत बालिकाओं के जन्म से लेकर स्नातक की डिग्री प्राप्त करने तक कुल 50,000 रुपये तक की वित्तीय सहायता विभिन्न चरणों में दी जाती है, जिसका मुख्य उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या रोकना, बाल विवाह पर अंकुश लगाना और उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना है।
2. राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए शुरू की गई 'मुख्यमंत्री डिजिटल हेल्थ योजना' (CMDHS) के तहत सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को डिजिटल नेटवर्क से जोड़ा जा रहा है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का डिजिटल रखरखाव और ऑनलाइन परामर्श सुनिश्चित किया जा सके।
3. शिक्षा विभाग द्वारा संचालित 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के अंतर्गत उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों को 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मात्र 4 प्रतिशत साधारण ब्याज दर पर, और महिलाओं, दिव्यांगों तथा ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों के लिए केवल 1 प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है।
4. राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में गरीबों को किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान करने के लिए 'बिहार स्वास्थ्य सुरक्षा योजना' के तहत 'आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना' के साथ समन्वय करके योग्य परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा कवर प्रदान किया जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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बिहार सरकार द्वारा राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य एवं सामाजिक कल्याण के क्षेत्र में चलाई जा रही प्रमुख योजनाओं के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 'मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना' के तहत बालिकाओं के जन्म से लेकर स्नातक की डिग्री प्राप्त करने तक कुल 50,000 रुपये तक की आर्थिक सहायता विभिन्न चरणों में डीबीटी (DBT) के माध्यम से प्रदान की जाती है, जिसका मुख्य उद्देश्य बाल विवाह रोकना और उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करना है।
2. स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए शुरू की गई 'मुख्यमंत्री डिजिटल स्वास्थ्य योजना' के तहत राज्य के सभी सरकारी अस्पतालों को डिजिटल रूप से जोड़ने और मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड का सुव्यवस्थित ऑनलाइन डेटाबेस तैयार करने का प्रावधान किया गया है।
3. 'बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' के अंतर्गत उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक विद्यार्थियों को 4 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मात्र 4% साधारण ब्याज दर पर उपलब्ध कराया जाता है, जबकि महिलाओं, दिव्यांगों और ट्रांसजेंडरों के लिए यह ब्याज दर मात्र 1% ही निर्धारित की गई है।
4. वृद्धजनों, विधवाओं और दिव्यांगजनों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने वाली 'मुख्यमंत्री वृद्धजन पेंशन योजना' के अंतर्गत 60 वर्ष से अधिक आयु के सभी वृद्धों को बिना किसी आय सीमा के 500 रुपये से लेकर 1000 रुपये तक की मासिक पेंशन सीधे उनके बैंक खातों में दी जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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