नैतिक एवं चारित्रिक विकास
Asked 2 महीने पहले · Viewed 1,372 times
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अंतर्गत 'रूढ़िगत नैतिकता' (Conventional Morality) के दोनों चरणों—अर्थात 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Good Boy-Good Girl Orientation) तथा 'कानून एवं व्यवस्था अभिविन्यास' (Law and Order Orientation)—की तात्विक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, यदि एक 12 वर्ष का बालक अपने सहपाठियों के बीच स्वीकृति प्राप्त करने के लिए सामाजिक अपेक्षाओं के अनुरूप व्यवहार करता है और साथ ही यह दृढ़ता से मानता है कि समाज में शांति और व्यवस्था बनाए रखने के लिए देश के कानूनों का किसी भी स्थिति में उल्लंघन नहीं किया जाना चाहिए, तो कोहलबर्ग के इस नैतिक ढांचे के अनुसार बालक का यह आचरण किस प्रकार के मनोवैज्ञानिक और संज्ञानात्मक दृष्टिकोण को प्रदर्शित करता है?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत में 'रूढ़िगत नैतिकता' (Conventional Morality) दूसरा प्रमुख स्तर है, जो सामान्यतः किशोरावस्था के दौरान देखा जाता है। इस स्तर के अंतर्गत दो चरण आते हैं: पहला 'अच्छा लड़का-अच्छी लड़की अभिविन्यास' (चरण 3), जहाँ व्यक्ति दूसरों की अपेक्षाओं पर खरा उतरकर उनकी स्वीकृति और प्रशंसा पाना चाहता है; और दूसरा 'कानून एवं व्यवस्था अभिविन्यास' (चरण 4), जहाँ व्यक्ति सामाजिक नियमों, कर्तव्यों और कानून का पालन करके सामाजिक व्यवस्था को सुचारू रूप से बनाए रखने पर बल देता है। विकिपीडिया संदर्भ
अगला प्रश्न →
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के…
← पिछला प्रश्न
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of…
Related Questions
→
'किशोरावस्था और भावनात्मक विकास' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जी. स्टेनलेस हॉल (G. Stanley Hall) द्वारा प्रतिपादित 'तूफान और तनाव का सिद्धांत' (Storm and Stress Theory) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'लिम्बिक सिस्टम' (विशेषकर 'अमिग्डाला' - Amygdala) और 'प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Prefrontal Cortex) के बीच विकास असंतुलन (Developmental Imbalance Model), यानी भावनात्मक आवेगों के त्वरित प्रज्वलन और कार्यकारी नियंत्रण के बीच की तंत्रिका अंतराल गतिकी, तथा लारेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) द्वारा प्रतिपादित 'नैतिक विकास के चरण' (विशेषकर पारंपरिक और उत्तर-पारंपरिक स्तर) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक व उच्च प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, भावनात्मक विनियमन शिक्षाशास्त्र (Emotional Regulation Pedagogy) और विद्यार्थियों में आवेग नियंत्रण, नैतिक तर्क व समग्र मानसिक स्वास्थ्य के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत 'रूढ़िगत नैतिकता का स्तर' (Conventional Level) की चतुर्थ अवस्था—यानी 'प्राधिकार और सामाजिक व्यवस्था बनाए रखने का अभिविन्यास' (Authority and Social Order Maintaining Orientation)—की तात्विक और क्रियात्मक गतिकी का सूक्ष्म विश्लेषण करने पर, इस अवस्था के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक एवं वैज्ञानिक रूप से सत्य है?
→
बच्चों के सामाजिक विकास (Social Development) और समाजीकरण की प्रक्रिया के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. समाजीकरण की प्रक्रिया में 'प्राथमिक समाजीकरण' (Primary Socialization) का मुख्य अभिकर्ता (Agent) परिवार को माना जाता है, जहाँ बच्चा शैशवावस्था और प्रारंभिक बाल्यावस्था के दौरान भाषा, संस्कृति और बुनियादी मूल्यों को सीखता है।
2. 'द्वितीयक समाजीकरण' (Secondary Socialization) के अंतर्गत विद्यालय, सहकर्मी समूह (Peer Group), मीडिया और पड़ोस आते हैं, जो बच्चे के बड़े होने पर उसके दृष्टिकोण, सामाजिक भूमिकाओं और औपचारिक नियमों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
3. लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत के अनुसार, उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Post-Conventional Level) पर समाजीकरण और नैतिकता का आधार पूरी तरह से सामाजिक मानदंडों और कानूनों का बिना किसी आलोचना के आँख बंद कर पालन करना होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग (Lawrence Kohlberg) के 'नैतिक विकास के सिद्धांत' (Theory of Moral Development) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'अच्छा लड़का - अच्छी लड़की अभिविन्यास' (Good Boy - Good Girl Orientation)—जिसे उस पारंपरिक स्तर (Conventional Level) के चरण के रूप में परिभाषित किया जाता है जहाँ व्यक्ति (सामान्यतः किशोरावस्था के शुरुआती दौर में) दूसरों की नज़रों में अच्छा बनने, सामाजिक अनुमोदन (Social Approval) प्राप्त करने, आपसी स्नेह, विश्वास और साठ-गांठ बनाए रखने के आधार पर अपने नैतिक निर्णयों का निर्धारण करता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सामाजिक-नैतिक विकास, सहकर्मी स्वीकृति (Peer Acceptance) और नैतिक तर्कों के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) की आलोचनाओं और उसके उत्तर-रूढ़िगत स्तर (Post-conventional Morality) की तात्विक संरचना का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई व्यक्ति सामाजिक अनुबंध (Social Contract) की सीमाओं से परे जाकर अपने व्यक्तिगत अंतःकरण के सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांतों (Universal Ethical Principles) के आधार पर निर्णय लेता है, और वह यह मानता है कि न्याय, मानवाधिकार और मानवीय गरिमा किसी भी लिखित कानून या सामाजिक समझौते से सर्वोपरि हैं, तो कोहलबर्ग के इस मॉडल के अनुसार व्यक्ति का यह आचरण नैतिक विकास के किस विशिष्ट चरण (Stage) को निरूपित करता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-conventional Morality) की अंतिम अवस्था यानी 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत अभिविन्यास' (Universal Ethical Principle Orientation) का गहन विश्लेषण करने पर, इस अवस्था की दार्शनिक और मनोवैज्ञानिक विशेषता के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सर्वाधिक प्रामाणिक रूप से सत्य है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के अंतर्गत 'उत्तर-रूढ़िगत नैतिकता' (Post-Conventional Morality) के दोनों चरणों—अर्थात 'सामाजिक अनुबंध और व्यक्तिगत अधिकार' (Social Contract and Individual Rights) तथा 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles)—की तात्विक गतिकी का गहन विश्लेषण करने पर, यदि कोई व्यक्ति प्रचलित सामाजिक कानूनों और संस्थागत नियमों का विरोध केवल इसलिए करता है क्योंकि वे मानवीय न्याय, मानवाधिकारों या अंतरात्मा के सार्वभौमिक सिद्धांतों (जैसे समानता और गरिमा) के विपरीत हैं, तो कोहलबर्ग के इस नैतिक ढांचे के अनुसार उसका यह उच्च-स्तरीय नैतिक तर्क निम्नलिखित में से किस विशिष्ट मनोवैज्ञानिक विशेषता को प्रदर्शित करता है?
→
लॉरेंस कोहलबर्ग के नैतिक विकास के सिद्धांत (Theory of Moral Development) के विभिन्न स्तरों और चरणों का गहन मनोवैज्ञानिक विश्लेषण करने पर, यदि एक किशोरावस्था का बालक सामाजिक व्यवस्था को बनाए रखने, नियमों का सख्ती से पालन करने और समाज द्वारा 'अच्छा नागरिक' या 'कानून-मानने वाला व्यक्ति' के रूप में स्वीकृत होने की प्रबल इच्छा से प्रेरित होकर नैतिक निर्णय लेता है, तो कोहलबर्ग के इस ढांचे के अनुसार यह स्थिति किस विशिष्ट स्तर और चरण को दर्शाती है?
Log in
to add to quiz, bookmark, or report issues.