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क्रियाप्रसूत अनुबंधन (स्किनर)
Asked 3 सप्ताह पहले · Viewed 2,786 times
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बी. एफ. स्किनर (B. F. Skinner) के 'क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत' (Operant Conditioning Theory) के अंतर्गत प्रतिपादित एक अत्यंत महत्वपूर्ण और केंद्रीय संप्रत्यय—'स्किनर बॉक्स या ऑपरेंट चैंबर' (Skinner Box / Operant Chamber)—जिसे उस नियंत्रित प्रायोगिक उपकरण के रूप में परिभाषित किया जाता है जिसके माध्यम से जीव (जैसे चूहा या कबूतर) अपनी स्वेच्छा से की गई क्रिया (Response) के परिणामस्वरूप मिलने वाले सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) या दंड के प्रभाव का अनुभव करते हुए पर्यावरण में अनुकूलन करना और जटिल व्यवहारों को सीखना सीखता है—के वास्तविक मनोवैज्ञानिक निहितार्थ एवं कक्षा-कक्षीय शिक्षण में विद्यार्थियों के सुनियोजित निर्देश (Programmed Instruction), तात्कालिक पुनर्निवेश (Immediate Feedback) और सकारात्मक व्यवहार संशोधन के वैज्ञानिक संचालन के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा मनोवैज्ञानिक कथन सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य है?

Detailed Explanation

बी. एफ. स्किनर का क्रियाप्रसूत अनुबंधन सिद्धांत (Operant Conditioning Theory) इस बात पर जोर देता है कि अधिकांश मानव व्यवहार स्वैच्छिक होते हैं और वे अपने परिणामों (Consequences) द्वारा नियंत्रित होते हैं। प्रायोगिक रूप से 'स्किनर बॉक्स' का उपयोग यह दर्शाने के लिए किया गया कि कैसे सुदृढ़ीकरण (Reinforcement) किसी विशिष्ट अनुक्रिया की आवृत्ति को बढ़ाता है। कक्षा-कक्षीय शिक्षण में, इस सिद्धांत का उपयोग 'प्रोग्राम्ड इंस्ट्रक्शन' (Programmed Instruction), छोटे चरणों में शिक्षण और विद्यार्थियों को 'तात्कालिक पुनर्निवेश' (Immediate Feedback) देने के लिए किया जाता है, जिससे सकारात्मक व्यवहार संशोधन और प्रभावी अधिगम सुनिश्चित होता है। अतः विकल्प (c) सबसे अधिक प्रामाणिक और वैज्ञानिक रूप से मान्य कथन है।
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