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यूकैरियोटिक कोशिका के विभिन्न अंगकों और कोशिका विभाजन (Cell Cycle and Division) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. 1. केंद्रक झिल्ली का बाहरी आवरण अंतःप्रद्रव्यी जालिका (Endoplasmic Reticulum) के साथ निरंतर जुड़ा होता है, और इसकी बाहरी सतह पर राइबोसोम जुड़े हो सकते हैं जो प्रोटीन संश्लेषण में सहायता करते हैं।
  2. 2. सूत्रकणिका (माइटोकॉन्ड्रिया) और हरित लवक (क्लोरोप्लास्ट) दोनों ही अर्ध-स्वायत्त (Semi-autonomous) कोशिका अंगक हैं, क्योंकि इनमें स्वयं का वृत्ताकार डीएनए, आरएनए और 80S प्रकार के राइबोसोम पाए जाते हैं।
  3. 3. अर्धसूत्री विभाजन-I (Meiosis-I) की डिप्लोटीन (Diplotene) अवस्था के दौरान, समजात गुणसूत्रों के अलग होने की प्रक्रिया शुरू होती है, लेकिन वे 'क्याज़्माटा' (Chiasmata) नामक बिंदुओं पर एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं, जो कि क्रॉसिंग ओवर के स्थल को दर्शाते हैं।
  4. 4. पादप कोशिकाओं में कोशिका विभाजन के दौरान साइटोकाइनेसिस (द्रव्य विभाजन) की प्रक्रिया कोशिका पट्टिका (Cell plate) के निर्माण द्वारा होती है, जिसका निर्माण मुख्य रूप से गॉल्जीकाय के स्रावी पुटिकाओं (Vesicles) द्वारा किया जाता है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से कथन सही हैं?

Detailed Explanation

कथन 1 सही है क्योंकि केंद्रक आवरण का बाह्य झिल्ली भाग अंतःप्रद्रव्यी जालिका (ER) के साथ निरंतरता बनाए रखता है और उस पर राइबोसोम उपस्थित हो सकते हैं। कथन 2 गलत है क्योंकि माइटोकॉन्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट में 70S प्रकार के राइबोसोम पाए जाते हैं, न कि 80S प्रकार के। कथन 3 सही है क्योंकि डिप्लोटीन अवस्था में क्याज़्माटा का निर्माण होता है जहाँ क्रॉसिंग ओवर संपन्न हुआ था। कथन 4 सही है क्योंकि पादप कोशिकाओं में कोशिका प्लेट पद्धति द्वारा कोशिका द्रव्य विभाजन होता है जिसमें गॉल्जीकाय की पुटिकाएं मुख्य भूमिका निभाती हैं। विस्तृत अध्ययन के लिए आप विकिपीडिया संदर्भ देख सकते हैं।
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