बुद्धि का 'बहु-कारक सिद्धांत' (Multi-factor Theory) में ई.एल. थॉर्नडाइक ने बुद्धि को किस प्रकार का माना है?
थॉर्नडाइक ने बुद्धि को कई स्वतंत्र और विशिष्ट कारकों का एक संकलन या समूह माना है।
कक्षा में 'सृजनात्मक बच्चों' (Creative Children) की पहचान कैसे की जा सकती है?
सृजनात्मक बच्चे जिज्ञासु होते हैं और वे समस्या समाधान के लिए पारंपरिक तरीकों के बजाय मौलिक और नवीन दृष्टिकोण अपनाते हैं।
वाइगोत्सकी के अनुसार, 'संज्ञानात्मक विकास' (Cognitive Development) में 'संस्कृति' (Culture) का क्या कार्य है?
संस्कृति बच्चों को उनके आसपास की दुनिया को समझने के लिए उपकरण (जैसे भाषा, प्रतीक) और वैचारिक ढांचा प्रदान करती है।
अधिगम के किस सिद्धांत को 'समीपता का सिद्धांत' (Contiguity Theory) कहा जाता है?
ए.आर. गुथरी का सिद्धांत मानता है कि उद्दीपन और अनुक्रिया के बीच संबंध केवल उनके एक साथ घटित होने (समीपता) से स्थापित हो जाता है।
बुद्धि परीक्षण के लिए 'विक्षलर स्केल' में 'शाब्दिक तर्क' (Verbal Reasoning) किन कौशल का परीक्षण करता है?
शाब्दिक तर्क का उपयोग उन जटिल समस्याओं को हल करने में किया जाता है जहाँ सूचनाओं को अर्थपूर्ण ढंग से तर्कसंगत बनाने की आवश्यकता होती है।
शिक्षण की 'परियोजना विधि' (Project Method) में छात्र किस प्रकार सीखते हैं?
परियोजना विधि सक्रिय अधिगम पर आधारित है, जहाँ छात्र वास्तविक जीवन की समस्याओं पर प्रोजेक्ट के माध्यम से कार्य करते हुए सीखते हैं।
कोहलबर्ग के 'नैतिक विकास' सिद्धांत का अंतिम चरण 'सार्वभौमिक नैतिक सिद्धांत' (Universal Ethical Principles) क्या दर्शाता है?
यह चरण नैतिकता के उच्चतम स्तर को दर्शाता है, जहाँ व्यक्ति सामाजिक कानूनों से ऊपर उठकर सार्वभौमिक मानवीय मूल्यों और न्याय पर आधारित निर्णय लेता है।
पियाजे के अनुसार, 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) में बच्चे की मुख्य तार्किक सीमा क्या है?
इस अवस्था में बच्चा मूर्त वस्तुओं पर तर्क तो कर सकता है, लेकिन वह अमूर्त या काल्पनिक समस्याओं को हल करने में कठिनाई महसूस करता है।
अधिगम के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) में 'तटस्थ उद्दीपक' (Neutral Stimulus) का क्या होता है?
शास्त्रीय अनुबंधन में, जब तटस्थ उद्दीपक (जैसे घंटी) को बार-बार स्वाभाविक उद्दीपक (भोजन) के साथ जोड़ा जाता है, तो वह अनुबंधित उद्दीपक बन जाता है।
शिक्षण में 'योगात्मक मूल्यांकन' (Summative Assessment) का उपयोग कब किया जाता है?
योगात्मक मूल्यांकन का मुख्य उपयोग शिक्षण सत्र, पाठ्यक्रम या सत्र के अंत में किया जाता है ताकि छात्र की कुल उपलब्धि का मापन हो सके।