बुद्धि का 'त्रि-तंत्रीय सिद्धांत' (Triarchic Theory) में 'सृजनात्मक बुद्धि' (Creative Intelligence) का कार्य क्या है?
सृजनात्मक बुद्धि व्यक्ति को नए विचारों को उत्पन्न करने और पुरानी परिस्थितियों में नए अनुभवों को लागू करने की क्षमता देती है।
कक्षा में 'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) का क्या परिणाम होता है?
समावेशी शिक्षा के परिणाम स्वरूप छात्र एक-दूसरे की भिन्नताओं का सम्मान करना सीखते हैं और कक्षा में सहयोगात्मक अधिगम विकसित होता है।
वाइगोत्सकी के अनुसार, 'अधिक ज्ञानी अन्य' (More Knowledgeable Other - MKO) की क्या भूमिका है?
MKO वह है जो सीखने वाले की वर्तमान क्षमता से थोड़ा अधिक जानता है और उसे आगे बढ़ने के लिए मार्गदर्शन (Scaffolding) प्रदान करता है।
अधिगम के 'प्रयास एवं त्रुटि सिद्धांत' (Trial and Error) में 'प्रभाव का नियम' (Law of Effect) किसने दिया था?
ई.एल. थॉर्नडाइक ने प्रभाव का नियम दिया था, जिसके अनुसार संतोषजनक परिणाम वाला व्यवहार भविष्य में दोहराया जाता है।
बुद्धि परीक्षण में 'IQ' का मान अगर 100 है, तो इसका क्या अर्थ है?
IQ 100 का अर्थ है कि बालक का मानसिक विकास उसकी वास्तविक आयु के औसत के बराबर है।
शिक्षण की 'खोज विधि' (Heuristic Method) का मुख्य लाभ क्या है?
खोज विधि छात्रों में खुद से प्रश्न पूछने, परिकल्पना बनाने और परीक्षण करने की आदत डालती है, जो वैज्ञानिक सोच का आधार है।
कोहलबर्ग के 'नैतिक विकास' सिद्धांत का तीसरा चरण 'गुड बॉय-नाइस गर्ल' (Good Boy-Nice Girl) किस अवस्था की विशेषता है?
परंपरागत स्तर के इस चरण में बालक सामाजिक अपेक्षाओं को पूरा करने और दूसरों की नजरों में एक अच्छा व्यक्ति बनने के लिए नैतिकता का पालन करता है।
पियाजे के अनुसार, 'मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) में बच्चे की मुख्य तार्किक विशेषता क्या है?
मूर्त-संक्रियात्मक अवस्था में बच्चा यह समझने लगता है कि वस्तु का आकार या रूप बदलने पर भी उसकी मात्रा या द्रव्यमान स्थिर रहता है (संरक्षण)।
अधिगम के 'शास्त्रीय अनुबंधन' (Classical Conditioning) का प्रयोग सबसे पहले किस पर किया गया था?
इवान पावलोव ने अपने शास्त्रीय अनुबंधन का प्रयोग कुत्ते (Dog) की पाचन प्रक्रिया और लार के स्राव पर किया था।
शिक्षण प्रक्रिया में 'योगात्मक मूल्यांकन' (Summative Assessment) का अंतिम लक्ष्य क्या है?
योगात्मक मूल्यांकन सत्र के अंत में यह निर्धारित करने के लिए होता है कि छात्र ने पाठ्यक्रम के लक्ष्यों को किस हद तक प्राप्त किया है।