समायोजन (Accommodation) क्या है?
समायोजन पियाजे की संकल्पना है जिसमें नया अनुभव मौजूदा स्कीमा से मेल न खाने पर बालक अपने स्कीमा को बदलता है या नया स्कीमा बनाता है। यह आत्मसातीकरण के साथ अनुकूलन की दूसरी प्रक्रिया है।
समायोजन: विस्तृत व्याख्या
कब ज़रूरत पड़ती है
जब आत्मसातीकरण से बात नहीं बनती, यानी नई जानकारी पुराने ढाँचे में फिट नहीं होती, तब मानसिक असंतुलन पैदा होता है। इस असंतुलन को दूर करने के लिए बालक अपनी सोच का ढाँचा बदलता है। यही समायोजन है।
संतुलनीकरण से संबंध
- आत्मसातीकरण और समायोजन के बीच संतुलन बनाने की प्रक्रिया को पियाजे ने संतुलनीकरण (equilibration) कहा।
- असंतुलन सीखने की प्रेरणा देता है और संतुलन मिलने पर नई समझ बनती है।
उदाहरण
बच्चा बकरी को "कुत्ता" कहता है, बड़े बताते हैं कि यह बकरी है। अब वह "चार पैरों वाला जानवर" के अपने स्कीमा को तोड़कर कुत्ता और बकरी के लिए अलग-अलग स्कीमा बना लेता है।
परीक्षा में कैसे पूछा जाता है
कीवर्ड: "स्कीमा में परिवर्तन", "नया स्कीमा बनाना", "मानसिक असंतुलन दूर करना"। इन्हें देखते ही समायोजन चुनें और आत्मसातीकरण से भ्रमित न हों।
समायोजन पर अभ्यास प्रश्न (MCQ)
- विकासात्मक/संज्ञानात्मक सिद्धांत के प्रतिपादक कौन हैं?
- जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के संदर्भ में, 'विकेंद्रीकरण' (Decentration) और 'संरक्षण'…
- जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत…
- जीन पियाजे (Jean Piaget) के 'संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' (Theory of Cognitive Development) के अंतर्गत…
- जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत के अंतर्गत, 'पूर्व-संक्रियात्मक अवस्था' (Preoperational Stage)…
- पियाजे के अनुसार, 'केन्द्रीकरण' (Centration) की प्रवृत्ति किस अवस्था की मुख्य सीमा है?
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संबंधित अवधारणाएँ
संदर्भ
- जीन पियाजे, The Origins of Intelligence in Children
- NCERT, मनोविज्ञान एवं शिक्षा संबंधी पाठ्यपुस्तकें