शिक्षा का अधिकार (RTE Act 2009)
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भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A और 'शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), 2009' के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 1. RTE अधिनियम, 2009 के प्रावधानों के अनुसार, निजी स्कूलों (Private Schools) को भी अपनी प्रवेश क्षमता का न्यूनतम 25% हिस्सा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) और disadvantaged group के बच्चों के लिए बिना किसी ट्यूशन फीस के आरक्षित करना अनिवार्य है।
- 2. इस अधिनियम के तहत प्राथमिक स्तर ( कक्षा 1 से 5) पर शिक्षकों और छात्रों का निर्धारित छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) 1:40 होना अनिवार्य है, जिसमें प्रधानाध्यापक को शामिल नहीं किया जाता है।
- 3. RTE अधिनियम, 2009 के अनुसार, प्रारंभिक शिक्षा पूरी होने तक किसी भी बच्चे को किसी भी बोर्ड परीक्षा में फेल नहीं किया जाएगा (No Detention Policy), हालांकि बाद में इसमें संशोधन करके राज्यों को यह अधिकार दिया गया कि वे कक्षा 5 और 8 के लिए नियमित परीक्षाएं आयोजित कर सकते हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
✓ Correct! Well done.
✗ Not quite — the correct answer is highlighted above.
Detailed Explanation
कथन 1 सही है क्योंकि RTE अधिनियम, 2009 की धारा 12(1)(c) के तहत निजी और गैर-सहायताप्राप्त स्कूलों को कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए 25% सीटें आरक्षित करना अनिवार्य है। कथन 2 गलत है क्योंकि प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) पर छात्र-शिक्षक अनुपात (PTR) 30:1 निर्धारित किया गया है, न कि 40:1 (उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा 6 से 8 के लिए यह अनुपात 35:1 है)। कथन 3 सही है; मूल RTE अधिनियम में प्रारंभिक शिक्षा तक किसी को फेल न करने की नीति (No Detention Policy) थी, किंतु वर्ष 2019 के संशोधन के बाद राज्यों को यह अधिकार दे दिया गया कि वे कक्षा 5 और 8 के लिए वार्षिक परीक्षाएं करा सकते हैं। अतः सही विकल्प (a) है।
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'समावेशी शिक्षा' (Inclusive Education) के संदर्भ में, यूनेस्को (UNESCO) के Salamanca Statement (1994) और भारतीय संदर्भ में 'निःशुल्क और अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009' (RTE Act, 2009) के प्रावधानों के तहत, 'मुख्यधारा' (Mainstreaming) और 'समावेशन' (Inclusion) के दार्शनिक और व्यावहारिक अंतर के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'अधिगम अक्षमता' (Learning Disabilities) के विशिष्ट प्रकार 'डिस्ग्राफिया' (Dysgraphia - लेखन और मोटर-ग्राफिक प्रसंस्करण अक्षमता) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, मस्तिष्क के 'बाएँ गोलार्ध के एक्सरूरियल मोटर कॉर्टेक्स' (Exrorial Motor Cortex / Motor Strip - हाथ की सूक्ष्म मांसपेशियों का नियंत्रण), 'बेसल गैन्ग्लिया' (Basal Ganglia - मोटर कौशल का क्रमांकन और स्वचालित लेखन), तथा 'सेरिबैलम' (Cerebellum - हस्त-नेत्र समन्वय और लेखन लयबद्धता) के बीच न्यूरो-मस्कुलर समन्वय विफलता, दृश्य-स्थानिक और गतिज एकीकरण (Visuo-Motor Integration) में बाधा की सक्रियण गतिकी, तथा अलेक्जेंडर लुरिया के 'कार्यात्मक मस्तिष्क इकाइयों' (Functional Units of Brain) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, 'न्यूरो-डिस्ग्राफिया ऑप्टिमाइज्ड मल्टीसेंसरी काइनेस्थेटिक पेडागोजी' (Neuro-Dysgraphia Optimized Multisensory Kinesthetic Pedagogy) और विद्यार्थियों में ग्राफिक प्रतीक निर्माण, सूक्ष्म पेशीय समन्वय व समग्र संवेगात्मक-संज्ञानात्मक दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'जीन पियाजे के संज्ञानात्मक विकास के सिद्धांत' के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, 'मूर्त संक्रियात्मक अवस्था' (Concrete Operational Stage) के अंतर्गत 'संरक्षण' (Conservation), 'वर्गीकरण' (Classification), और 'क्रमबद्धता' (Seriation) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'पैरिएटल लोब' (Parietal Lobe), 'डॉर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex) और 'हिप्पोकैम्पस' के बीच स्थानिक तर्क, मानसिक संचालन (Mental Operations) और तार्किक प्रतिवर्तीता (Reversibility) की सक्रियण गतिकी, तथा बारबरा रोगाफ (Barbara Rogoff) द्वारा प्रतिपादित 'निर्देशित सहभागिता' (Guided Participation) और सांस्कृतिक संदर्भीकरण के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, अनुभवात्मक और गतिविधि-आधारित शिक्षाशास्त्र (Activity-based Pedagogy) और विद्यार्थियों में मूर्त से अमूर्त तार्किकता, समस्या-समाधान क्षमता व समग्र संज्ञानात्मक लचीलेपन के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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'अधिगम की रणनीतियाँ और मेटाकॉग्निशन' (Metacognition and Learning Strategies) के न्यूरो-संज्ञानात्मक संदर्भ में, जॉन फ्लैवेल (John Flavell) द्वारा प्रतिपादित 'मेटाकॉग्निशन' (Metacognitive Knowledge and Regulation) के न्यूरो-बायोलॉजिकल स्वरूप तथा मस्तिष्क के 'डॉर्सोलैटरल प्रीफ्रंटल कॉर्टेक्स' (Dorsolateral Prefrontal Cortex - dlPFC), 'ेंटेरियर सिंगुलेट कॉर्टेक्स' (Anterior Cingulate Cortex - ACC) और 'पैरिएटल लोब' के बीच स्व-निगरानी (Self-Monitoring), त्रुटि संसूचन और कार्यकारी नियंत्रण की सक्रियण गतिकी, तथा एन ब्राउन (Ann Brown) द्वारा प्रतिपादित 'स्व-नियमित अधिगम' (Self-Regulated Learning - SRL) के पारस्परिक अंतर्संबंधों तथा उनके आधुनिक प्राथमिक समावेशी कक्षा-कक्ष शिक्षण, मेटाकॉग्निटिव और चिंतनशील शिक्षाशास्त्र (Reflective Pedagogy) और विद्यार्थियों में स्व-मूल्यांकन क्षमता, संज्ञानात्मक लचीलेपन व उच्च-क्रम की समस्या-समाधान दक्षता के संवर्धन में निहितार्थों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सर्वाधिक उपयुक्त एवं सत्य है?
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पारिस्थितिकीय पिरामिड (Ecological Pyramids) और उनके प्रकारों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊर्जा का पिरामिड (Pyramid of Energy) सदैव सीधा होता है, क्योंकि ऊर्जा का प्रवाह एकमार्गीय होता है और लिंडेनमैन के 10 प्रतिशत नियम (10% Law) के अनुसार प्रत्येक उच्च पोषण स्तर पर जाने पर ऊर्जा का ह्रास होता है।
2. जलीय पारितंत्र (Aquatic Ecosystem) में संख्या का पिरामिड (Pyramid of Numbers) सदैव उल्टा होता है, क्योंकि प्राथमिक उत्पादक (फाइटोप्लांकटन) की संख्या शाकाहारी जंतुओं (जूप्लांकटन) और मछलियों की तुलना में कम होती है।
3. वृक्ष पारितंत्र (Tree Ecosystem) में जैवभार का पिरामिड (Pyramid of Biomass) उल्टा (Inverted) बनता है, क्योंकि एक विशाल वृक्ष (उत्पादक) का जैवभार उस पर निर्भर रहने वाले शाकाहारी जीवों (पक्षियों और कीटों) की कुल मात्रा से बहुत अधिक होता है।
4. बायोम या वन पारितंत्र में ऊर्जा और जैवभार दोनों के पिरामिड सामान्यतः सीधे होते हैं, किंतु समुद्र में बायोमास का पिरामिड उल्टा पाया जा सकता है क्योंकि वहाँ फाइटोप्लांकटन का अल्पकालिक जैवभार जलीय जीवों के जैवभार से कम होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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मानव शरीर के परिसंचरण तंत्र (Circulatory System) और रुधिर परिसंचरण की प्रक्रिया के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. मानव हृदय एक पेशीय अंग है जो दोहरा परिसंचरण (Double Circulation) प्रदर्शित करता है, जिसमें ऑक्सीजनित (Oxygenated) और विऑक्सीजनित (Deoxygenated) रुधिर आपस में नहीं मिलते हैं क्योंकि हृदय चार कक्षों (दो आलिंद और दो निलय) में विभाजित होता है।
2. महाधमनी (Aorta) से निकलने वाला ऑक्सीजनित रक्त सबसे पहले दाहिने आलिंद (Right Atrium) में प्रवेश करता है, और वहाँ से त्रिवलनी कपाट (Tricuspid Valve) के माध्यम से दाहिने निलय में भेजा जाता है।
3. फुफ्फुस धमनी (Pulmonary Artery) एकमात्र ऐसी धमनी है जो हृदय के दाहिने निलय से विऑक्सीजनित रक्त को फेफड़ों तक ले जाती है, ताकि उसका शुद्धिकरण (Oxygenation) हो सके।
4. रुधिर दाब (Blood Pressure) को मापने के लिए स्फिग्मोमैनोमीटर (Sphygmomanometer) का उपयोग किया जाता है, जिसमें सामान्य स्वस्थ मनुष्य का प्रकुंचन दाब (Systolic Pressure) लगभग 120 mm Hg और अनुशिथिलन दाब (Diastolic Pressure) लगभग 80 mm Hg होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से कथन पूर्णतः सत्य है/हैं?
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भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21A और 'शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE), 2009' के प्रावधानों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. 86वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2002 द्वारा संविधान के भाग-III में अनुच्छेद 21A को अंतःस्थापित किया गया, जिसके तहत 6 से 14 वर्ष की आयु के सभी बालकों के लिए निशुल्क और अनिवार्य शिक्षा को एक मौलिक अधिकार बनाया गया।
2. 'शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009' की धारा 21 के अनुसार, प्रत्येक विद्यालय (अल्पसंख्यक विद्यालयों को छोड़कर) में एक 'विद्यालय प्रबंधन समिति' (School Management Committee - SMC) का गठन किया जाना अनिवार्य है, जिसके सदस्यों में कम से कम 75% माता-पिता या संरक्षकों (Parents/Guardians) का होना आवश्यक है।
3. इस अधिनियम के तहत प्राथमिक स्तर (कक्षा 1 से 5) पर शैक्षणिक वर्ष में न्यूनतम कार्य दिवसों की संख्या 200 तथा न्यूनतम शिक्षण घंटों की संख्या 1000 निर्धारित की गई है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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पर्यावरण अध्ययन (EVS) के शिक्षण तथा पारिस्थितिकी (Ecology) के अंतर्गत 'पारिस्थितिक पिरामिड' (Ecological Pyramids) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
1. ऊर्जा का पिरामिड (Pyramid of Energy) सदैव सीधा (Upright) बनता है, क्योंकि पारिस्थितिक तंत्र में लिंडमैन (Lindeman) के 'दस प्रतिशत नियम' (10% Law) के अनुसार ऊर्जा का प्रवाह एकपोषी स्तर से उच्च पोषी स्तर की ओर जाने पर हमेशा घटता जाता है तथा ऊर्जा का कुछ भाग ऊष्मा के रूप में नष्ट हो जाता है।
2. जलीय पारिस्थितिक तंत्र (Aquatic Ecosystem) में 'बायोमास का पिरामिड' (Pyramid of Biomass) सामान्यतः उल्टा (Inverted) बनता है, क्योंकि यहाँ प्राथमिक उत्पादकों (फाइटोप्लांकटन) का कुल बायोमास उच्च पोषी स्तरों (जैसे ज़ूप्लांकटन और छोटी मछलियों) के बायोमास की तुलना में कम होता है।
3. 'संख्या का पिरामिड' (Pyramid of Number) किसी वृक्षीय पारिस्थितिक तंत्र (Tree Ecosystem) में उल्टा बनता है, क्योंकि एक बड़े आकार के एकल वृक्ष (उत्पादक) पर आश्रित शाकाहारी पक्षियों की संख्या अधिक होती है और उन पर परजीवी के रूप में रहने वाले जीवों की संख्या और भी अधिक हो जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/से हैं?
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